भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने और कई दिनों से तेज बारिश नहीं होने के बीच राजधानी भोपाल में शनिवार को अनोखी तस्वीर देखने को मिली। कोलार रोड स्थित गेस्ट हाउस के पास लोगों ने अच्छी बारिश की कामना के साथ गधों को गुलाब जामुन खिलाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सालों पुरानी लोक परंपरा है जिसके तहत मानसून कमजोर पड़ने पर गधों को मिठाई खिलाकर इंद्रदेव से अच्छी बारिश की प्रार्थना की जाती है। इस दौरान लोगों ने प्रदेश में अच्छी बारिश, किसानों की समृद्धि और जल संकट दूर होने की कामना भी की।

यह आयोजन ऐसे समय हुआ है जब प्रदेश में बारिश का लंबा ब्रेक देखने को मिला है। जुलाई के शुरुआती दिनों के बाद लगातार नौ दिनों तक अधिकांश जिलों में भारी बारिश नहीं हुई। जिसकी वजह से प्रदेश में औसत बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, अब तक मध्य प्रदेश में 247 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जबकि, इस अवधि में सामान्य औसत 291 मिमी होना चाहिए था। यानी प्रदेश में अब तक करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी 26 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जबकि, पश्चिमी हिस्से में भी सामान्य से 5 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

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हालांकि, मौसम विभाग ने अब राहत के संकेत दिए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के मुताबिक, 19 जुलाई से वेस्टर्न डिसटर्बेंस सक्रिय हो रहा है। इसके साथ उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया और सक्रिय ट्रफ प्रदेश में नमी बढ़ाएंगे। जिससे अगले चार दिनों तक कई जिलों में तेज और कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी और आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए डिंडौरी और उमरिया में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत 44 जिलों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

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बारिश की कमी का असर प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिखाई दे रहा है। 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। जबकि, 20 जिले ऐसे हैं जहां औसत से अधिक बारिश हुई है। देवास फिलहाल सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है। वहां सामान्य से 102 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। वहीं, आलीराजपुर सबसे कम बारिश वाला जिला है। वहां अब तक केवल करीब सवा दो इंच पानी ही गिरा है जो सामान्य से 74 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई मानसून का सबसे महत्वपूर्ण महीना होता है और इसी दौरान प्रदेश में पूरे सीजन की लगभग 40 प्रतिशत बारिश होती है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में सक्रिय होने वाला नया मौसम तंत्र प्रदेश के वर्षा घाटे को काफी हद तक कम कर सकता है।