रंगारेड्डी। तेलंगाना पुलिस ने रंगारेड्डी जिले के याचारम गांव में आवारा कुत्तों की कथित सामूहिक हत्या के मामले में ग्राम पंचायत की पूरी गवर्निंग बॉडी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, याचारम ग्राम पंचायत के सरपंच, पंचायत सचिव और वार्ड सदस्यों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया से जुड़े पशु कल्याण कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 19 जनवरी को गांव में बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों को जहरीले पदार्थों का इंजेक्शन देकर मार दिया गया था। पशु कल्याण कार्यकर्ता ने याचाराम पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में दावा किया कि इस घटना में करीब 100 कुत्तों की जान गई। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच और ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान लगभग 50 कुत्तों के मारे जाने की पुष्टि हुई। हालांकि, वास्तविक संख्या को लेकर जांच अभी जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मृत कुत्तों के अवशेषों की बरामदगी के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य जुटाए जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला राज्य में आवारा कुत्तों की कथित हत्याओं से जुड़ा कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में कम से कम 300 आवारा कुत्तों की हत्या के आरोप में दो महिला सरपंच, उनके पति समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसी तरह कामारेड्डी जिले में भी करीब 200 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर मार डालने के मामले में पांच ग्राम सरपंचों सहित छह लोगों पर मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे एक संभावित राजनीतिक पहलू भी सामने आ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने पिछले साल दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीणों से आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक से निपटने का वादा किया था। इसी वादे को पूरा करने के लिए कथित तौर पर इन जनप्रतिनिधियों ने कानून को दरकिनार करते हुए इस तरह की क्रूर कार्रवाई को अंजाम दिया।