बेंगलुरु। देश के पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा (85 वर्ष) का शनिवार को बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, चेन्नम्मा को सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी, जिसके बाद उन्हें भर्ती कराया गया था। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन शनिवार शाम करीब 4 बजे दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से उन्होंने अंतिम सांस ली।
चेन्नम्मा पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं और परिवार के सदस्य लगातार उनके साथ बने हुए थे। गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद पूर्व पीएम देवेगौड़ा अपने बेटे एच.डी. कुमारस्वामी और एच.डी. रेवन्ना के साथ अस्पताल पहुंचे थे। अपनी जीवनसंगिनी की गंभीर हालत देखकर 93 वर्षीय देवेगौड़ा बेहद भावुक हो गए थे। उन्होंने भारी मन से कहा था, ‘अब सब कुछ भगवान के हाथ में है।'
मां की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने अपने सभी सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। वहीं, बड़े बेटे एच.डी. रेवन्ना और उनकी पत्नी भवानी रेवन्ना पूरी रात अस्पताल में ही मौजूद रहे। एच.डी. कुमारस्वामी ने अपनी मां के संघर्ष को याद करते हुए मीडिया को बताया कि करीब 25 साल पहले भी उनकी मां एक जानलेवा संकट से गुजर चुकी थीं। उन्होंने कहा कि 25 साल पहले, एसिड अटैक के बाद उनके बचने की बहुत कम उम्मीद थी। ईश्वर की कृपा और देवी राजराजेश्वरी में उनकी असीम आस्था ने ही तब उन्हें बचाया था।
उनके निधन पर भाजपा नेता बीवाई विजयेंद्र ने दुख जताते हुए कहा, ‘चेन्नम्मा ने देवेगौड़ा जी के पूरे राजनीतिक सफर में उनका साथ देने में अहम भूमिका निभाई. ईश्वर परिवार को यह अपूरणीय क्षति सहने की शक्ति दे।' वहीं, TTD बोर्ड सदस्य एस. नरेश कुमार ने कहा कि चेन्नम्मा सादगी, शालीनता और मजबूत पारिवारिक मूल्यों की मिसाल थीं। उनका निधन देवेगौड़ा परिवार के साथ-साथ उन्हें जानने वाले हर व्यक्ति के लिए एक बड़ी क्षति है।