कोलकाता। टीकाकरण के मुद्दे पर केंद्र सरकार के सौतेले रवैये को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। ममता ने कहा है कि संघीय ढांचे में राज्यों का भी एक यूनियन होना चाहिए ताकि जब किसी राज्य के साथ अन्याय किया जाए उस दौरान सभी राज्य एक साथ होकर केंद्र के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर सकें। टीएमसी नेता ने केंद्र की टीकाकरण नीति पर भी जमकर हमला बोला ममता ने कहा कि जनता को टीका जनता के पैसे से ही लगाया जा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा टीकाकरण का श्रेय लिया जाना बिल्कुल भी उचित नहीं है। ममता ने इस रवैये को अनैतिक करार दिया है। 

यह भी पढ़ें : भोपाल पहुंचते ही सिंधिया ने वीडी शर्मा से की मुलाकात, कांग्रेस ने शिवराज को सावधान हो जाने की दी हिदायत

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार द्वारा मुफ्त टीकाकरण किए जाने के एलान में देरी करने को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। ममता ने कहा कि जब लोगों को मुफ्त में टीकाकरण किए जाने का फैसला लेना ही था, तब इसमें इतना विलंब क्यों किया गया? केंद्र ने पहले ही मुफ्त टीकाकरण की घोषणा क्यों नहीं की? 

यह भी पढ़ें : केंद्रीय कैबिनेट ने खरीफ की फसलों के लिए बढ़ाया एमएसपी, कृषि मंत्री बोले- एमएसपी है और रहेगी

ममता बनर्जी ने टीकाकरण के मसले पर सुप्रीम कोर्ट का भी धन्यवाद किया। ममता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार से टीकाकरण के लिए तय किए गए 35 हज़ार करोड़ का हिसाब मांगा है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के हम सब आभारी हैं। ममता ने बिहार चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा मुफ्त टीकाकरण के वादे की भी याद दिलाई। ममता ने पूछा कि उस वादे का क्या हुआ?