पटना। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई जिसके चलते शनिवार सुबह उन्हें बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। गिरफ्तारी के दौरान चोट लगने से उन्हें सिर में दर्द और धड़कन तेज होने की शिकायत थी।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक मामले में हुई है। पटना की विशेष अदालत ने साल 1995 से जुड़े केस में पप्पू यादव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। मामला IPC की धारा 468, 506 और 120B से जुड़ा है। कोर्ट के आदेश के बावजूद तय तारीख पर पेश न होने के कारण यह कार्रवाई की गई।
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गिरफ्तारी से पहले उनके राजधानी पटना के मंदिरी स्थित आवास पर शुक्रवार रात हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पप्पू यादव को गिरफ्तार करने के लिए सिटी एसपी, पांच डीएसपी, छह थानेदार और करीब 100 पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। उस समय पप्पू यादव अपने आवास के ऊपरी फ्लोर पर मौजूद थे।
पुलिस के पहुंचते ही पप्पू यादव और अधिकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। उन्होंने रात में कहीं जाने से इनकार कर दिया और कहा कि वे सुबह ही चलेंगे। इसी दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी उनके घर के बाहर जुटने लगे जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
करीब तीन घंटे तक चले ड्रामे के बाद जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले जाने लगी तो पप्पू यादव अचानक बेहोश हो गए। इसके बाद समर्थक भड़क उठे और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। कुछ समर्थक पुलिस वाहन पर भी चढ़ गए। हालात काबू में आने के बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर रवाना हुई।
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गिरफ्तारी के तुरंत बाद देर रात ही सांसद को स्वास्थ्य जांच के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान लाया गया। वहां प्राथमिक जांच के बाद उन्हें पुलिस कस्टडी में रखा गया। शनिवार सुबह तबीयत और बिगड़ने पर उन्हें स्ट्रेचर पर लिटाकर पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस कस्टडी में संसद यह आरोप लगाया कि सिविल ड्रेस में मौजूद एक इंस्पेक्टर की कमर में पिस्टल है और उनसे उन्हें खतरा हो सकता है।
पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह 1995 का मामला है जिसमें ट्रायल चल रहा है। सांसद को अदालत में उपस्थित होना था लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसी वजह से कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तारी की गई।
सांसद की गिरफ्तारी के विरोध में आरा समेत कई जगहों पर प्रदर्शन हुए। समर्थकों ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और रेलवे स्टेशन के पास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका। समर्थकों का आरोप है कि नीट से जुड़े एक मामले और छात्रा की रेप और मौत केस को उठाने के कारण पप्पू यादव को टारगेट किया गया है।
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पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि सांसद के अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जरूरी मेडिकल जांच की जा रही है और डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।