U-19 World Cup: हरारे में भारत ने रचा इतिहास, खिताबी जंग में इंग्लैंड को 99 रनों से शिकस्त दी

ICC U-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 99 रन से हराकर छठी बार खिताब जीता। हरारे में वैभव सूर्यवंशी की 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली।

Updated: Feb 06, 2026, 09:02 PM IST

हरारे। भारत ने आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 99 रन से हराते हुए रिकॉर्ड छठी बार ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के नायक रहे वैभव सूर्यवंशी जिनकी तूफानी पारी ने फाइनल का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।

हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 410 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई।

भारत की पारी पूरी तरह वैभव सूर्यवंशी के नाम रही। उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। वैभव ने 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और फिर 55 गेंदों में अपना पहला अंडर-19 वर्ल्ड कप शतक जड़ा। उन्होंने 71 गेंदों में 150 रन पूरे किए थे जो अंडर-19 क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज 150 है। अंततः वह 175 रन बनाकर थॉमस रियू को कैच दे बैठे। इस पारी के साथ ही वैभव इस टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। पूरे टूर्नामेंट में उनके नाम कुल 439 रन है।

भारत की शुरुआत हालांकि पूरी तरह ठीक नहीं रही थी। ओपनर एरन जॉर्ज पहले विकेट के रूप में आउट हो गए थे जिन्हें बेन मेयेस ने कैच किया था। कप्तान आयुष म्हात्रे ने जिम्मेदारी संभालते हुए 50 गेंदों में 53 रन की अहम पारी खेली थी लेकिन उनके आउट होने के बाद भी वैभव का हमला जारी रहा था।

मध्यक्रम में विहान और वेदांत ने पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन दोनों के बीच साझेदारी 51 रन से आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद कुंदू ने 30 गेंदों में 40 रन बनाकर स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। अंतिम ओवरों में भारत की टीम थोड़ा लड़खड़ाई और विकेट जल्दी-जल्दी गिरे लेकिन कनिष्क चौहान ने अंत में 20 गेंदों पर नाबाद 37 रन बनाकर भारत को 410 के पार पहुंचा दिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत भी संघर्षपूर्ण रही थी। ओपनर जोसेफ मूर्स 17 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए थे। हालांकि, उन्होंने कुछ आकर्षक शॉट जरूर खेले थे। बेन मेयेस ने 28 गेंदों में 45 रन की तेज पारी खेली और इस टूर्नामेंट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। इसके बावजूद वह अपनी टीम को जीत तक नहीं ले जा सके।

इंग्लैंड के लिए बेन डॉकिन्स ने 66 रन बनाए। जबकि, कालेब फाल्कनर ने जबरदस्त संघर्ष दिखाया। फाल्कनर ने पहले अर्धशतक जमाया और फिर 63 गेंदों में शतक पूरा किया लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। एक समय इंग्लैंड का स्कोर 38 ओवर में 9 विकेट पर 281 रन था और जीत की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी। आखिरकार इंग्लैंड की पूरी टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई और भारत ने 99 रन की बड़ी जीत के साथ ट्रॉफी अपने नाम कर ली।