लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। इसमें बताया गया है कि कार्डियक अरेस्ट के कारण प्रतीक की मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 6 जगह अंदरूनी चोट के भी निशान मिले हैं।
प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि शरीर में खून का थक्का बनने के बाद हालत बिगड़ी थी। शरीर के निचले हिस्से से खून का थक्का ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया था, जिससे आर्टरी और फेफड़ों में संक्रमण हुआ। इसके बाद कार्डियक अरेस्ट से प्रतीक यादव की मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर पर कुल छह चोटों के निशान पाए गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि छाती के दाहिने हिस्से, दाहिने हाथ, दाहिने अग्रभाग (फोरआर्म), दाहिनी कोहनी और बाईं कलाई पर गंभीर कंट्यूजन (अंदरूनी चोट) और नीचे खून जमने के निशान मिले।
रिपोर्ट के मुताबिक, पहली चोट छाती के सामने दाहिने निप्पल के नीचे 14×7 सेंटीमीटर की थी, जिसका रंग बीच में लाल-भूरा और किनारों पर हरा-पीला पाया गया। दूसरी चोट दाहिने हाथ के पिछले हिस्से पर 19×12 सेंटीमीटर की थी। तीसरी चोट दाहिने फोरआर्म पर कोहनी से कलाई तक 24×8 सेंटीमीटर की पाई गई। इसके अलावा चौथी चोट दाहिने फोरआर्म पर 6×4 सेंटीमीटर, पांचवीं चोट दाहिनी कोहनी के पीछे 12×6 सेंटीमीटर और छठी चोट बाएं हाथ की कलाई पर 3×2 सेंटीमीटर की दर्ज की गई। सभी चोटों के नीचे खून जमने के निशान पाए गए।
रिपोर्ट में मौत का कारण 'मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म' से 'कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स' बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि हृदय और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिक सामग्री को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है, जबकि विसरा को केमिकल एनालिसिस के लिए संरक्षित कर संबंधित पुलिस अधिकारी को सौंप दिया गया।
डॉक्टरों ने यह भी बताया है कि शरीर पर मिली सभी चोटें एंटेमॉर्टम यानी मृत्यु से पहले की हैं। रिपोर्ट के अनुसार पहली, दूसरी और तीसरी चोट करीब 5 से 7 दिन पुरानी थीं, जबकि चौथी, पांचवीं और छठी चोट लगभग एक दिन पुरानी बताई गई हैं। मौत और पोस्टमार्टम के बीच का समय लगभग आधा दिन बताया गया है। बता दें कि 38 वर्षीय प्रतीक यादव को सुबह इलाज के लिए लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।