मध्य प्रदेश में 2026-27 के लिए सोयाबीन की खरीदी भावांतर योजना के तहत की जाएगी। इसके लिए किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक होगा। इस बार पंजीयन के साथ ही बैंक खाते के सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में 1 रुपए का टेस्ट ट्रांजेक्शन भेजा जाएगा। यह राशि मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई उपार्जन पोर्टल के माध्यम से भेजी जाएगी। ट्रांजेक्शन सफल होने के बाद ही खाते को भुगतान के लिए सत्यापित माना जाएगा।

सरकार को इस सीजन में करीब 7 से 10 लाख किसानों के पंजीयन की उम्मीद है। वहीं, लगभग 20 लाख टन सोयाबीन की खरीदी का अनुमान लगाया गया है। पिछले सीजन यानी 2025-26 में भावांतर योजना के तहत 7.10 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। उस दौरान 16.95 लाख टन सोयाबीन खरीदा गया और किसानों को कुल 1,476 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था।

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किसान अपने नजदीकी ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय के सुविधा केंद्र, सहकारी समिति या विपणन संस्था के केंद्र पर बिना किसी शुल्क के पंजीयन करा सकेंगे। इसके अलावा एमपी ऑनलाइन, सीएससी कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन की सुविधा रहेगी। इन केंद्रों पर पंजीयन के लिए अधिकतम 50 रुपए शुल्क लिया जा सकेगा।

सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की प्रक्रिया अलग रखी गई है। इन किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समितियों के माध्यम से होगा। इनके रिकॉर्ड और पात्रता का राजस्व विभाग 100 प्रतिशत सत्यापन करेगा।

भावांतर योजना में पंजीयन कराने से पहले किसानों को अपने बैंक खाते की जानकारी दुरुस्त कराने की सलाह दी गई है। बैंक खाता आधार से लिंक होने के साथ उसमें एक्टिव मोबाइल नंबर भी जुड़ा होना चाहिए। मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट कराने के लिए किसान जिला या तहसील स्तर के आधार केंद्र अथवा डाकघर स्थित आधार केंद्र पर जा सकते हैं।

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पंजीयन के समय भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और बैंक का IFSC कोड सही दर्ज करना जरूरी होगा। खास तौर पर बैंक खाते की जानकारी में गलती होने पर भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए पंजीयन शुरू होने से पहले किसान इन सभी विवरणों की जांच करा लें।