वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत ने रचा इतिहास, 406 रन का लक्ष्य चेज कर 8 विकेट से दर्ज की जीत
भारत ने गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन का लक्ष्य 43.3 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर इतिहास रच दिया। शुभमन गिल ने 223 रन की नाबाद पारी खेली। जबकि, रोहित शर्मा ने 101 रन बनाए।
भारतीय क्रिकेट टीम ने बुधवार को वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे में 8 विकेट से जीत दर्ज की। टीम ने इस फॉर्मेट के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन का विशाल लक्ष्य महज 43.3 ओवर में खोकर हासिल कर लिया था। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की सीरीज पर 2-0 से कब्जा कर लिया है। भारत पहली बार वनडे में 400 से ज्यादा रन का लक्ष्य हासिल करने वाली टीमों की सूची में शामिल हुआ है।
इस ऐतिहासिक रन चेज की सबसे बड़ी कहानी कप्तान शुभमन गिल की नाबाद 223 रन की पारी रही। गिल ने 133 गेंदों में यह स्कोर बनाया था। जिसमें 26 चौके और 8 छक्के शामिल थे। उन्होंने 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया और वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 200 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड ईशान किशन के नाम था जिन्होंने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों में डबल सेंचुरी पूरी की थी।
गिल के लिए यह वनडे क्रिकेट में दूसरा दोहरा शतक है। इससे पहले उन्होंने 18 जनवरी 2023 को न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में 149 गेंदों पर 208 रन बनाए थे। इस उपलब्धि के साथ वह वनडे में दो दोहरे शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में रोहित शर्मा के बाद दूसरे भारतीय बन गए हैं।
भारत की जीत की नींव गिल और रोहित शर्मा ने पहले विकेट के लिए 255 रन जोड़कर रखी थी। रोहित ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 101 रन बनाए थे। उनकी इस पारी के दौरान वनडे क्रिकेट में 12 हजार रन पूरे हुए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के सातवें बल्लेबाज बने।
रोहित के आउट होने के बाद विराट कोहली 29 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे लेकिन तब तक भारत मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था। इसके बाद गिल ने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। गायकवाड़ 31 रन बनाकर नाबाद रहे थे। आखिरी ओवर में गिल ने चौके के साथ स्कोर बराबर किया और गायकवाड़ ने एक रन लेकर भारत की रिकॉर्ड जीत पूरी कर दी।
इससे पहले वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 405 रन बनाए थे। टीम के लिए जॉन कैंपबेल, शाई होप और आमिर जंगू ने शतक लगाए। कैंपबेल ने 68 गेंदों पर 101, होप ने 94 गेंदों पर 104 और जंगू ने 77 गेंदों पर 114 रन बनाए थे। यह वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज का अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर भी रहा।
वेस्टइंडीज के 405 रन के जवाब में भारत ने शुरुआत से ही तेज गति बनाए रखी थी। टीम ने 300 रन का आंकड़ा सिर्फ 29.1 ओवर में पार कर लिया था। इसके साथ भारत ने वनडे में सबसे तेज 300 रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के पास था जिसने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 32.2 ओवर में 300 रन पूरे किए थे।
406 रन का लक्ष्य हासिल करते ही भारत ने अपने वनडे इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। इससे पहले भारतीय टीम का सबसे बड़ा सफल पीछा 362 रन का था जो उसने 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जयपुर में किया था।
वनडे क्रिकेट के इतिहास में 400 से ज्यादा रन का लक्ष्य हासिल करने का यह सिर्फ दूसरा मौका है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जोहानसबर्ग में 438 रन का लक्ष्य हासिल किया था। भारत अब इस सूची में शामिल होने वाली दूसरी टीम बन गई है।
गिल ने इस दौरान रन चेज में व्यक्तिगत स्कोर का भी नया रिकॉर्ड बनाया। उनकी 223 रन की नाबाद पारी ने ग्लेन मैक्सवेल के 2023 में अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद बनाए गए 201 रन को पीछे छोड़ दिया। इस तरह गिल एक ही मैच में भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सफल रन चेज और व्यक्तिगत रिकॉर्ड दोनों के केंद्र में रहे।
भारत ने 1974 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे खेला था। 52 साल के इस वनडे सफर में पहली बार टीम ने 400 से ज्यादा के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया। गुवाहाटी की इस जीत ने भारत को सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी दिला दी है।




