इजराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि लोग समझते हैं कि वो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक-दूसरे के मुताबिक़ काम करते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। नेतन्याहू ने कहा है वो अमेरिका की हर इच्छा के मुताबिक़ काम नहीं करते हैं।
नेतन्याहू का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उन पर सार्वजनिक रूप से की गई तीखी टिप्पणी के बाद आया है।नेतन्याहू ने कहा है कि वो ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे और जब तक ज़रूरी होगा लेबनान के दक्षिणी इलाक़े में इसराइली सेना मौजूद रहेगी।
नेतन्याहू ने यरूशलम में इंटरनेशनल पॉलिसी समिट में कई मुद्दों पर बयान दिए। उन्होंने क़रीब 50 साल पहले एक अभियान में अपने भाई योनी नेतन्याहू की मौत का भी ज़िक्र किया। यरूशलम में जेएनएस समिट को संबोधित करते हुए इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका में लोग कहते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप वह सब करते हैं, जो मैं उनसे कहता हूं। वहीं इसराइल में लोग समझते हैं कि मैं वह सब करता हूं, जो ट्रंप चाहते हैं। लेकिन इनमें से कोई भी बात सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि हम आज़ाद और गौरवशाली देशों के नेता हैं। कभी-कभी हमारी राय एक-दूसरे से अलग होती है। हम अपने हितों के लिए खड़े होते हैं. मैं इसराइल के हितों और उसकी सुरक्षा के लिए खड़ा हूं। अक्सर हमारी सोच एक जैसी होती है। लेकिन कभी-कभी ऐसा नहीं भी होता है। हम एक-दूसरे की संप्रभुता, नेतृत्व और अपने लोगों के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान करते हैं।"
बिन्यामिन नेतन्याहू ने इस मौक़े पर अपने भाई योनी नेतन्याहू को भी याद किया और उन्हें 'देश का हीरो' बताया। नेतन्याहू ने एक बार फिर से कहा कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उन्होंने कहा कि हम दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तब तक मौजूद रहेंगे जब तक उत्तर में रहने वाले हमारे लोगों और पूरे देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी होगा।
पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू की सार्वजनिक आलोचना की थी। उसके बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इसराइली नेताओं को अमेरिका पर ज़ुबानी हमलों से बाज़ आने की हिदायत दी थी। इन बयानों के बाद पहली बार नेतन्याहू ने ट्रंप से अपने संबंधों को लेकर सार्वजनिक तौर पर बयान दिया है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान में इसराइली हमलों पर नाराज़गी ज़ाहिर की थी और कहा था कि पूरे इलाक़े को तबाह करना कोई समझदारी नहीं है।