इमरान सरकार का काउंटडाउन शुरू, मरियम बोलीं- PM की कुर्सी से धक्का देने का आ गया समय

नेशनल असेम्बली में विपक्ष की तरफ से शाहबाज शरीफ ने इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, सदन की कार्यवाही 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है

Updated: Mar 29, 2022, 10:04 AM IST

इमरान सरकार का काउंटडाउन शुरू, मरियम बोलीं- PM की कुर्सी से धक्का देने का आ गया समय

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में इमरान सरकार के गिरने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। नेशनल असेम्बली में विपक्ष की तरफ से शाहबाज शरीफ ने इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। इस प्रस्ताव में 161 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। नेशनल असेंबली में पीटीआई के 155 सदस्य हैं, जबकि उन्हें सरकार बचाने के लिए 172 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी। 

अविश्वास प्रस्ताव के बीच सदन की कार्यवाही 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। उधर विपक्ष लगातार इमरान सरकार के खिलाफ हमलावर है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान खान को अपनी हार की ओर 'आखिरी धक्का' देने का समय आ गया है।

पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम ने इस्लामाबाद में सोमवार को पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की एक सभा को संबोधित करते हुए इमरान खान पर तीखा हमला किया। उन्होंने उनकी आर्थिक, शासन और विदेश नीतियों की आलोचना की। मरियम ने कहा कि इमरान खान को कुर्सी से धक्का देने का आखिरी समय आ गया है।

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उधर इमरान खान को तब एक और झटका लगा जब विपक्ष ने उनके करीबी और पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार के खिलाफ सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। बुजदार के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव बहुत जल्दबाजी में लाया गया। उनकी कोशिश है कि प्रधानमंत्री के हटाए जाने पर पंजाब विधानसभा को भंग करने की पीटीआई सरकार की योजना को पहले ही विफल कर दिया जाए।

विपक्षी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने 52 वर्षीय बुजदार के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव सौंपा, जिसमें 127 विधायकों के हस्ताक्षर हैं। अविश्वास प्रस्ताव में कहा गया है कि मुख्यमंत्री बुजदार ने सदन का विश्वास खो दिया है। पीएमएल-एन के विधायक राणा मशहूद ने कहा कि  कि यह साफ-साफ दिख रहा है कि इमरान और बुजदार अविश्वास प्रस्ताव का सामना नहीं कर सकेंगे, इसलिए दोनों के समक्ष सम्मानजनक विदाई लेने का एक ही रास्ता है कि इस्तीफा दे दें।

उधर इमरान खान ने कहा है कि उनकी सरकार को अपदस्थ करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा था कि देश की विदेश नीति तय करने के लिए विदेशी तत्व स्थानीय नेताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कि उनके पास एक पत्र सबूत के तौर पर है। हालांकि, तमाम उहापोह के बीच गृह मंत्री शेख राशिद ने उम्मीद जताई कि अविश्वास प्रस्ताव पर 31 मार्च को फैसला किया जाएगा। उनका दावा है कि इमरान खान कहीं नहीं जा रहे हैं। सरकार अविश्वास प्रस्ताव से उबरकर फिर नए सिरे से कामकाज शुरू करेगी।