भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मिली हार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए चिंता का सबब है। इस बड़ी हार के बाद बीजेपी नेतृत्व तुरंत ही एक्शन मोड में आ गया है। बीजेपी में संगठनात्मक समीक्षा और आत्ममंथन का दौर जारी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भोपाल स्थित आवास पर समीक्षा बैठक हुई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, चुनाव प्रभारी, मंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।
सीएम हाउस में बुलाए गए इस बैठक में हार के कारणों, संगठन की भूमिका, भीतरघात की शिकायतों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। मीडिया सूत्रों के अनुसार, दतिया के कुछ पार्षदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है। बैठक में उपचुनाव प्रभारी भारत सिंह कुशवाह, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, राकेश शुक्ला समेत करीब दो दर्जन नेता मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की आंतरिक रिपोर्ट में शहरी दतिया के कुछ पार्षदों पर भीतरघात के आरोप सामने आए हैं। भाजपा को शहर में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन यहां कांग्रेस को बढ़त मिली, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा ने बढ़त बनाई। रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाह समेत कुछ स्थानीय पदाधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायतों की रिपोर्ट प्रदेश संगठन तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज सकता है।
बता दें कि हार के बाद पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "आत्ममंथन का समय…" और दतिया व बांकीपुर उपचुनाव का उल्लेख किया। वहीं, टीकमगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता राहुल सिंह ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "जब कार्यकर्ता की जगह अधिकारी यह कहने लगें कि हमारी पहुंच ऊपर तक है, तब परिणाम विपरीत ही आते हैं।"
पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने टिकट नहीं मिलने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में चुनाव प्रचार किया था। हालांकि पार्टी के भीतर यह आकलन किया जा रहा है कि प्रत्याशी बदलने के बाद संगठन का पूरा समर्थन मैदान में नहीं उतर पाया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनाव के दौरान वायरल हुए कथित भ्रामक पोस्ट और फर्जी पत्रों की भी समीक्षा की जाएगी। ऐसे पोस्ट साझा करने वालों की सूची तैयार की जा रही है और उनके राजनीतिक संबंधों की भी जांच होगी। हालांकि, फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई की जद में नरोत्तम मिश्रा आएंगे या नहीं।