कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में बड़ा सियासी मोड़ आया है। ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगा। साथ ही वह अब इस सीट पर अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगी। यह घोषणा ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद हुई है।

दरअसल, ममता गुट की प्रत्याशी संचिता ने इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से नबन्ना में मुलाकात की थी। सीएम से मुलाकात के बाद वह चुनावी मैदान से हट गईं। संचिता प्रधान डे के उम्मीदवारी वापस लिए जाने के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें गुरुवार को फोन किया था। 

ममता ने INDIA गठबंधन के प्रति पूरी एकजुटता जताते हुए कहा कि सभी मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के ट्वीट का भी जिक्र किया और कहा कि सभी मिलकर लड़ाई लड़ेंगे। ममता बनर्जी ने मौजूदा घटनाक्रम पर चुनाव आयोग और बीजेपी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन है।

ममता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को हराने के लिए SIR का इस्तेमाल किया गया और EVM को हाईजैक किया गया। उन्होंने चुनाव आयोग पर बीजेपी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए काम करने का आरोप लगाया। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव में मतगणना का काम CRPF के जरिए कराया गया। उन्होंने कहा कि टीएमसी 29 साल पुरानी पार्टी है और इसके बावजूद पार्टी का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया।

ममता ने दावा किया कि पुलिस उनके कार्यकर्ताओं पर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बना रही है और करीब 14 हजार कार्यकर्ता जेल में हैं। उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है और वह खुद भी हाउस अरेस्ट में हैं। 

बता दें कि नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था। जबकि कांग्रेस ने मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया था। अब प्रधान इंडिया गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी होंगे। वहीं बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। TMC के बागी ऋतब्रत गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक भी मैदान में हैं। वहीं वाम मोर्चे ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है।