नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के अलग-अलग पार्टी नाम और सिंबल अलॉट कर दिया है। ममता बनर्जी की पार्टी को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम दिया गया है। वहीं बागी रितब्रता के गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम दिया गया है।
निर्वाचन आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह भी दे दिए हैं। ममता की पार्टी का 'फुटबॉल प्लेयर' और ऋतब्रत की पार्टी का 'लिफाफा' चुनाव चिन्ह होगा। ऋतब्रत बनर्जी और ममता बनर्जी गुट ने चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले 3-3 नाम और सिंबल दिए थे। इनमें से एक का चयन कर आयोग ने अपने निर्णय का ऐलान किया।
ऋतब्रत बनर्जी ने TMC के नाम और चुनाव चिह्न के आवंटन पर कहा, 'हम सामूहिक तौर से निर्णय लेते हैं और हमने 3 नाम दिए थे। हमें 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम मिला है और चुनाव चिह्न 'लिफाफा' दिया गया है।' आयोग के फैसले पर ममता की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं है।ममता बनर्जी की तरफ से जो सिंबल चुनाव आयोग के सामने इखे गए थे उनमें दो सिंबल खेल से जुड़े थे, क्योंकि पहले भी तृणमूल का नारा खेला होबे रह चुका है।
बता दें कि टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से दो सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 11 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीतीं थीं। जिसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं।