कोलकाता। चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के ‘घास पर दो फूल’ वाले चुनाव चिह्न और नाम के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनावों को देखते हुए ECI ने TMC के दोनों गुटों को नए सिंबल और नाम चुनने को कहा है। उन्हें शुक्रवार सुबह तक अपने तीन पसंदीदा नाम और चुनाव चिह्न सौंपने का निर्देश दिया है।
चुनाव आयोग ने गुरुवार को दिल्ली में दोनों गुटों के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया था। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हैं। दोनों गुटों ने एक ही चिह्न पर उम्मीदवार उतारे थे।
ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC धड़े से मोहम्मद एतेशामुल हक नंदीग्राम और सफीउद्दीन शेख रेजीनगर से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, पूर्व सीएम ममता बनर्जी की TMC ने रविवार को नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था।
नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
2021 में ममता ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। अधिकारी BJP में शामिल होने के बाद TMC के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं।
2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई।