बढ़ती महंगाई की वजह नेहरू हैं, विश्वास सारंग के इस बयान पर कांग्रेस ने कहा, पता नहीं ये कौन सा नशा करता है

मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने पहले प्रधानमंत्री दिवंगत पंडित जवाहरलाल नेहरू को बताया महंगाई के लिए जिम्मेदार, कांग्रेस बोली- इनके तो सपने में भी गांधी-नेहरू ही आते होंगे

Updated: Jul 31, 2021, 07:49 PM IST

बढ़ती महंगाई की वजह नेहरू हैं, विश्वास सारंग के इस बयान पर कांग्रेस ने कहा, पता नहीं ये कौन सा नशा करता है

भोपाल। देशभर में बढ़ रही महंगाई के कारणों का पता चल गया है। पेट्रोल-डीजल, एलपीजी से लेकर खाद्य तेलों की कीमतें देश के पहले प्रधानमंत्री दिवंगत जवाहरलाल नेहरू बढ़ा रहे हैं। यह अजीबोगरीब दावा मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने किया है। 

मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि, 'महंगाई बढ़ाने का श्रेय किसी को जाता है तो वह नेहरू परिवार को जाता है। महंगाई एक दो दिनों में नहीं बढ़ती। 15 अगस्त 1947 को लाल किले की प्राचीर से जवाहरलाल नेहरू जी ने जो भाषण दिया था, उसी भाषण की गलती के कारण इस देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ी है। नरेंद्र मोदी जी ने तो पिछले 7 सालों में देश की अर्थव्यवस्था को सुधारा है।

सारंग के इस बयान पर कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, 'पता नहीं ये कौन सा नशा करता है।' 

एमपी यूथ कमीशन के चेयरमैन अभय तिवारी ने सारंग के इस बयान पर तंज कसते हुए कहा है कि प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान की सख्त जरूरत है।

सारंग के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा है कि इनके तो सपने में भी गांधी-नेहरू ही आते होंगे। वहीं, एमपी यूथ कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा है कि सारंग अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।

गौरतलब है कि बीते डेढ साल से कोरोना के संकटकाल में बेतहाशा बढ़ी महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। नित नए रिकॉर्ड बना रही महंगाई मई के महीने में 12.94 फीसदी की ऊंचाई पर पहुंच गई थी। मई महीने में महंगाई का ये आंकड़ा अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा बताया गया। जून में महंगाई का यह आंकड़ा 12.07 फीसदी पर था। खुद महिला बाल विकास में केंद्रीय मंत्री संसद के अंदर बता चुकी है कि देश में 9 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषण के शिकार है। ऐसे में एमपी के चिकित्सा शिक्षा मंत्री का बयान उनकी गैरजिम्मेदारी को ही प्रदर्शित करता है।