MP: पीएम मोदी की मिमिक्री करना शिक्षक को पड़ा महंगा, वीडियो वायरल होने पर DEO ने किया निलंबित
शिवपुरी में गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर प्रधानमंत्री की मिमिक्री करना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा विधायक की शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक शिक्षक साकेत पुरोहित को मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में प्रधानमंत्री की मिमिक्री कर गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर टिप्पणी करना एक सरकारी शिक्षक को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक साकेत पुरोहित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह मामला पोहरी विकासखंड के सेमरखेड़ी गांव स्थित आदिवासी मोहल्ला के शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है।
जानकारी के मुताबिक, साकेत पुरोहित उसी विद्यालय में प्राथमिक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो बनाकर प्रधानमंत्री की शैली में बोलते हुए गैस सिलेंडर की कीमतों पर व्यंग्य किया था। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और मामला प्रशासन तक पहुंच गया। इसके बाद अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू की।
जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि पोहरी ब्लॉक के सेमरखेड़ी स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक साकेत पुरोहित के खिलाफ मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की गई है। शुक्रवार देर रात आदेश जारी करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
वायरल वीडियो में शिक्षक ने प्रधानमंत्री की शैली में बोलते हुए कहा था, “मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, गैस के दाम कम हुए कि नहीं हुए? नहीं हुए। गैस के दाम बढ़े कि नहीं बढ़े? बढ़ गए। गैस की रोटी खाने से पेट में गैस बनती है। अगर पेट में गैस बनेगी तो आप बीमार पड़ जाओगे और अगर आप बीमार पड़ोगे तो देश भी बीमार पड़ जाएगा। इसलिए गैस के दाम बढ़ने से आम आदमी भी चूल्हे की रोटी खाएगा और अमीर आदमी भी चूल्हे की रोटी खाएगा जिससे अमीरी-गरीबी की खाई कम हो जाएगी।”
वीडियो सामने आने के बाद पिछोर क्षेत्र के भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने जिला शिक्षा कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सरकारी कर्मचारी द्वारा प्रधानमंत्री और जनप्रतिनिधियों की इस तरह मिमिक्री करना सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान पाया गया कि शिक्षक का व्यवहार सरकारी कर्मचारियों पर लागू आचरण नियमों के अनुरूप नहीं था। इसी आधार पर उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया गया। निलंबन अवधि के दौरान साकेत पुरोहित की तैनाती बदरवास के ब्लॉक शिक्षा कार्यालय में की गई है और उन्हें नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।




