पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने भारत भ्रमण पर निकली MP की बेटी, साइकिल से तय करेगी 20 हजार KM का सफर

आशा ने बताया कि जब वह यात्रा शुरू करने को लेकर लोगों के पास मदद मांगने गई तो उन सबने दुत्कारा। कुछ ने तो कहा कि लड़की कैसे अकेले भारत भ्रमण करेगी। नकारात्मक लोगों से एक बार इच्छाशक्ति भी जवाब देने लगी।

Updated: Nov 07, 2022, 09:25 AM IST

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने भारत भ्रमण पर निकली MP की बेटी, साइकिल से तय करेगी 20 हजार KM का सफर

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले स्थित खिलचीपुर ब्लॉक के नाटाराम गांव की 24 वर्षीय आशा राजूबाई मालवीय साइकिल से भारत भ्रमण पर निकलीं हुईं हैं। रविवार को धार जिले में उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक महिला जो ठान लिया उसे जरूर पूरा करती है।

बता दें कि आशा मालवीय मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर भोपाल से साइकिल लेकर अपने हौसलों की उड़ान भरने निकली थी। वह 29 राज्यों में करीग 20 हजार किलोमीटर की यात्रा साइकिल से तय करेगी। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य मध्य प्रदेश पर्यटन की ऐतिहासिक धरोहरों का प्रचार प्रसार करना, यहां के रहन-सहन कल्चर का प्रचार प्रसार करना और पर्यावरण को बचाने का संदेश देना है।

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आशा ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कहा कि, 'महिलाएं हर जगह सुरक्षित है। बस आप हौंसला रखें। मैं शुरू से ही बहुत मेहनत कर रही हूं। मुझे बहुत सारी चीजें नेगेटिव भी मिली, पॉजिटिव भी मिली। जब यात्रा शुरू करने को लेकर लोगों के पास मदद मांगने गई तो उन सबने दुत्कारा। कुछ ने तो कहा कि लड़की कैसे अकेले भारत भ्रमण करेगी। नकारात्मक लोगों से एक बार इच्छाशक्ति भी जवाब देने लगी।फाइनली मैंने ठान लिया कि मुझे कुछ कर दिखाना है और मैं निकल पड़ी।'

बता दें कि तीन साल की उम्र में पिता की मौत हो गई है। गरीब परिवार में पली-बढ़ी आशा और उसकी छोटी बहन को लेकर मां अपने पिता के घर आ गई। यहां पर मजदूरी कर दोनों बेटियों को पढ़ाया। आशा ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने और मजदूरी नहीं मिलने से कई बार भूखे सोए। छठी में पहुंभी छह किमी दूर छापेड़ा गांव में स्कूल था। दो साल तक पैदल आना-जाना किया। घर में बड़ी बेटी होने की वजह से जिम्मेदारी का अहसास था। 12वीं कक्षा में पढ़ाई 77 समय गाड़ियों के शोरूम में काम कर अपनी पढ़ाई और घर खर्च में मदद की।

आशा ने बताया कि वह स्पोर्ट्स में स्कूल से कॉलेज तक एथेलेटिक्स में तीन नेशनल गेम्स खेल चुकी हैं। दो में कास्य और ब्रॉन्ज मेडल भी जीतने में सफल हुई।आशा ने यात्रा को लेकर कहा कि मैं इस सफर को दुनिया की ऐसी यात्रा बनाना चाहती हूं कि दुनिया में संदेश जाए कि मध्य प्रदेश समेत भारत में बेटियां कितनी सशक्त हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनता को जागरूक करना यात्रा का उद्देश्य है।