पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में सागौन तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है। तस्करी में संलिप्तता सामने आने पर विभाग ने वनरक्षक संतोष प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सुरक्षा श्रमिक बिहारी यादव के खिलाफ भी वन अपराध का मामला दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला 8 फरवरी का है। उस दिन परिक्षेत्र सहायक छापर की टीम निर्धारित कार्यक्रम के तहत कक्ष क्रमांक P-293 में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम को जंगल के भीतर संदिग्ध गतिविधियों की आवाजें सुनाई दी। जब वन अमला मौके पर पहुंचा तो वहां सागौन के पेड़ों की कटाई कर उनकी सिल्लियां तैयार की जा रही थी।
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वन विभाग की टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की लेकिन घना जंगल और कठिन परिस्थितियों का फायदा उठाकर तस्कर मौके से फरार हो गए। बाद में की गई जांच और पहचान प्रक्रिया में सामने आया कि फरार होने वालों में बीट गार्ड संतोष प्रजापति और सुरक्षा श्रमिक बिहारी यादव शामिल थे। विभाग के अपने कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
घटनास्थल की तलाशी के दौरान वन अमले ने 1.526 घन मीटर सागौन की कुल 7 सिल्लियां जब्त की हैं। मामले की विस्तृत रिपोर्ट क्षेत्र संचालक कार्यालय को भेजी गई है। जिसके बाद मुख्य आरोपी संतोष प्रजापति को निलंबित करने की कार्रवाई की गई। वन विभाग ने पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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