भोपाल। राजधानी भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज की फर्स्ट ईयर की एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। कोहेफिजा इलाके में प्राइवेट हॉस्टल में रह रही 20 वर्षीय छात्रा रोशनी का शव मंगलवार सुबह बाथरूम में मिला। घटनास्थल से एसिड की एक बोतल भी बरामद हुई है। सूचना मिलने पर कोहेफिजा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, रोशनी मूल रूप से आलीराजपुर की रहने वाली थी और उसने पिछले साल अक्टूबर में गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया था। वह डे स्कॉलर थी और पढ़ाई के लिए कोहेफिजा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी हॉस्टल में रह रही थी।

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मंगलवार सुबह जब रोशनी अपने कमरे से कॉलेज जाने के लिए बाहर नहीं निकली तो साथ पढ़ने वाली छात्राओं को संदेह हुआ। उन्होंने कई बार उसे आवाज लगाई और मोबाइल पर कॉल भी किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पीजी के गार्ड को सूचना दी गई। गार्ड के पहुंचने पर पहले कमरे और फिर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया जहां रोशनी अचेत अवस्था में पड़ी मिली। शव के पास में एक खाली एसिड की बोतल भी मिली। 

छात्राओं ने तत्काल कॉलेज प्रबंधन को इसकी सूचना दी। जिसके बाद उसे सुबह करीब 8:30 बजे हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच और छात्रा की रूम पार्टनर वैष्णवी के बयान में सामने आया है कि रोशनी पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थी। सोमवार देर रात तक वह जाग रही थी और रूम पार्टनर से बातचीत भी की थी लेकिन अगले दिन सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस को मौके से अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

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गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता एन. सिंह ने बताया कि रोशनी के मोबाइल में परिजनों को भेजे गए संदेशों से संकेत मिला है कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। वह मेहनत के बावजूद पढ़ाई को ठीक तरह से समझ नहीं पा रही थी जिससे वह मानसिक दबाव में चल रही थी। साथी छात्रों के मुताबिक, रोशनी पढ़ाई में गंभीर और शांत स्वभाव की थी। वह पिछले सप्ताह ही अपने घर आलीराजपुर से वापस भोपाल लौटी थी।

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मसूरी क्षेत्र स्थित मॉर्चुरी भेज दिया है और मामले की सूचना परिजनों को दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। जांच में पढ़ाई से जुड़े तनाव सहित अन्य सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

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बीते दिनों मध्य प्रदेश के इंदौर से मेडिकल छात्रों की आत्महत्या का एक और मामला सामने आया था। इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। ग्वालियर निवासी 25 वर्षीय अंतरिक्ष 2025 बैच का छात्र था और बीआर अंबेडकर हॉस्टल के बी ब्लॉक के कमरे में मृत पाया गया था। उसके रूममेट ने बताया था कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में रहता था। हालांकि, उस मामले में भी आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस जांच जारी है।