छतरपुर में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का विरोध तेज, ग्रामीणों ने SDM ऑफिस पर किया पथराव
छतरपुर के बिजावर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों का विरोध देर रात हिंसक हो गया। अमित भटनागर की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर पथराव किया।
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहा विरोध मंगलवार देर रात हिंसक हो गया। घटना रात करीब 11 बजे की है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बिजावर तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय का घेराव कर पथराव किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर बितर किया।
जानकारी के मुताबिक, परियोजना से प्रभावित ग्रामीण पिछले पांच दिनों से निर्माण स्थल पर धरना दे रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्हें न तो तय समय पर मुआवजा मिला और न ही पुनर्वास के तहत घर उपलब्ध कराए गए। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर को प्रशासन ने धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद माहौल अचानक उग्र हो गया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण बिजावर तहसील पहुंच गए और परिसर को घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान एसडीएम भी मौके पर पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें भी घेर लिया। हालात तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाया लेकिन भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की और सीमित बल प्रयोग किया। हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारी अमित भटनागर की रिहाई की मांग पर अड़े रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की रिहाई कानून की प्रक्रिया के तहत ही होगी और किसी दबाव में निर्णय नहीं लिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
विवाद की जड़ ढोडन बांध क्षेत्र से विस्थापित तीन गांव ढोडन, पलकोंहा और खरयानी के लोग हैं जो निर्माण कार्य रोककर विरोध जता रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीएम बिजावर ने 10 जनवरी तक मुआवजा राशि उनके खातों में पहुंचाने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। इसी देरी को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता गया और मंगलवार रात स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।




