भोपाल। मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदी में हो रही देरी को लेकर विपक्ष हमलावर है। बुधवार को गेहूं उत्पादक किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया।
खंडवा में कांग्रेस में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। करीब 5 हजार से ज्यादा कांग्रेसी प्रदर्शन में शामिल हुए है। रतलाम में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी में धरना दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान भी शामिल हैं। भोपाल-श्योपुर में भी कांग्रेस ने नारेबाजी की।
बता दें कि इस बार गेहूं खरीदी देरी से शुरू होने के पीछे सरकार इजराइल-ईरान युद्ध का हवाला दे रही है। ऐसे में गेंहू खरीदी में देरी को कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने रणनीतिक तरीके से घोटाला किया है। बारदाने की कमी का बहाना बनाकर गेहूं खरीदी नहीं की गई। यह किसानों को धोखा देने की कोशिश है।
भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि तथ्यों से साबित हो गया है कि भाजपा, शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र मोदी और मोहन यादव किसान विरोधी हैं। लगभग 10 लाख क्विंटल गेहूं ओपन मार्केट में बिक चुका है। करीब 25% गेहूं 1600 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव में बेचा गया है।
पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं, 3100 रुपए धान और 6000 रुपए सोयाबीन का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष होने के बावजूद मध्य प्रदेश में किसानों का शोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि आज पूरे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी जिला कलेक्टर कार्यालयों का घेराव कर रही है। दो दिन बाद प्रदेशभर में किसानों के साथ उपवास किया जाएगा। साथ ही उज्जैन में किसानों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।