उज्जैन। मध्य प्रदेश में किसान अनेकों चुनौतियों से जूझ रहे हैं। गेहूं उत्पादक किसान स्लॉट बुकिंग को लेकर परेशान हैं। अन्नदाताओं के लिए इस मुश्किल वक्त में आवाज उठाना भी लोगों को भारी पड़ रहा है। सीएम मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में किसान नेता आनंद जाट को जिला बदर कर दिया गया है।

उज्जैन में किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अशोक जाट लगातार किसानों के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे थे। नतीजतन प्रशासन ने उन्हें छह माह के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को किसान हितों की आवाज दबाने वाला कदम बताया है। साथ ही इसके खिलाफ शुक्रवार से कलेक्टर कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने का भी ऐलान किया है।

नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने बताया कि किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक जाट लगातार मंडी में किसानों के हक की लड़ाई लड़ रहे थे। इसी कारण जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के इशारे पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रौशन कुमार सिंह ने यह फैसला लिया है।

कांग्रेस के अनुसार जिला कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक महेश परमार और शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी शुक्रवार सुबह 11 बजे से कलेक्टर कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक जिला बदर का आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

दरअसल बुधवार को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रौशन कुमार सिंह ने थाना भैरवगढ़ निवासी अशोक जाट पिता देवराम जाट को छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए थे। आदेश के तहत मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अशोक जाट को उज्जैन जिले सहित सीमावर्ती जिलों देवास, इंदौर, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, धार एवं आगर मालवा की राजस्व सीमाओं से छह माह तक बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि अशोक जाट के खिलाफ उज्जैन जिले की किसी अदालत में कोई प्रकरण लंबित है, तो वे निर्धारित तारीख पर पेशी के लिए आ सकेंगे। हालांकि इसके लिए उन्हें संबंधित थाना प्रभारी को पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। न्यायालय में पेशी के तुरंत बाद उन्हें फिर जिला बदर आदेश का पालन करना होगा।