नई दिल्ली से पटना जा रही राजधानी तेजस एक्सप्रेस में शनिवार रात बम होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही रेल महकमे और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गई। दिल्ली कंट्रोल रूम से मिली इस सूचना के बाद तत्काल अलर्ट जारी किया गया और ट्रेन को उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर रोक दिया गया। रात करीब सवा दस बजे ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर चार पर पहुंची जहां सुरक्षा के मद्देनजर पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

सूचना मिलते ही बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड, आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई। सीओ पीडीडीयू नगर, असिस्टेंट कमांडेंट आरपीएफ और सीओ जीआरपी समेत वरिष्ठ रेल अधिकारी भी डीडीयू जंक्शन पर पहुंचे। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से उतार लिया गया और क्षेत्र को सील कर दिया गया।

इसके बाद राजधानी तेजस एक्सप्रेस के सभी 16 कोचों की गहन तलाशी शुरू की गई। बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड ने हर कोच, यात्रियों के सामान और ट्रेन के तकनीकी हिस्सों की बारीकी से जांच की। करीब तीन घंटे तक चले इस सर्च ऑपरेशन के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली।

हालांकि, बम की सूचना से ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों में दहशत और परेशानी का माहौल रहा। देर रात प्लेटफॉर्म पर रोके जाने और लंबी जांच प्रक्रिया के कारण यात्रियों को काफी असुविधा झेलनी पड़ी। सुरक्षा कारणों से किसी को भी ट्रेन के आसपास जाने की अनुमति नहीं दी गई।

जांच पूरी होने और खतरा टलने की पुष्टि के बाद राजधानी तेजस एक्सप्रेस को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। वहीं, बम की झूठी सूचना देने वाले फोन नंबर की पहचान को लेकर जीआरपी और जिला पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कॉल की लोकेशन और डिटेल्स खंगाली जा रही हैं।

गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जनवरी महीने में काशी एक्सप्रेस को भी इसी तरह की बम धमकी मिली थी। हालांकि, उस मामले में भी जांच के बाद कुछ नहीं मिला था। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।