देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी अब जानलेवा साबित होने लगी है। महाराष्ट्र के विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। वहां हीटस्ट्रोक के कारण 7 लोगों की मौत हो गई। साथ ही 31 लोगों के बीमार होने की खबर भी सामने आई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने हीट एक्शन प्लान लागू कर दिया है। जबकि, अन्य राज्यों में भी लू और तेज गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किए गए हैं।
महाराष्ट्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा ग्रामीण और श्रमिक वर्ग पर दिखाई दे रहा है। वाशिम जिले के डोंगरकीन्ही गांव में 25 वर्षीय गोपाल ठाकरे की खेत में काम करते समय मौत हो गई। बताया गया कि वे 43 डिग्री तापमान में हल्दी प्रोसेसिंग का काम कर रहे थे। तभी लू लगने से बेहोश होकर वह गिर पड़े। इसी तरह लातूर के औराद शहाजानी में 60 वर्षीय किसान लक्ष्मण भंडारे की खेत में काम करते वक्त तबीयत बिगड़ने से जान चली गई।
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अहिल्यानगर जिले में पारनेर के मालवाड़ी गांव की 45 वर्षीय महिला किसान हर्षदा चौधरी की चारा काटते समय लू लगने से मौत हो गई। जबकि, इसी जिले के श्रीगोंदा क्षेत्र में एक अन्य किसान की भी इसी तरह जान गई। अकोला में एक ऑटो ड्राइवर अपने वाहन में मृत मिला। उसकी मौत का कारण भी भीषण गर्मी ही मानी जा रही है। वहीं, जलगांव के 38 वर्षीय जितेंद्र पाटिल और सोलापुर के मोहोल क्षेत्र के 67 वर्षीय किसान की भी काम के दौरान तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई।
राज्य के करीब 15 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। अकोला देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल हो गया है। वहां तापमान 45 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया है। वहीं, अमरावती में पारा 43.4 डिग्री तक पहुंच गया है। जबकि, जलगांव, नागपुर और परभणी में तापमान 42 से 44 डिग्री के बीच बना हुआ है। मुंबई और कोंकण क्षेत्रों में भी उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। अमरावती में 21 से 30 अप्रैल तक स्कूल और आंगनवाड़ी सुबह 7 से 10 बजे तक ही संचालित किए जा रहे हैं। नागपुर में स्कूलों का समय सुबह 10:30 बजे तक सीमित कर दिया गया है। जबकि, अकोला में 11 बजे के बाद कोचिंग क्लास और कॉलेज बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय परीक्षाओं के दौरान ठंडे पानी और पंखों की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है।
बढ़ते गर्मी के चलते स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। अकोला जिला अस्पताल में 14 बेड का विशेष हीटस्ट्रोक वार्ड तैयार किया गया है। जबकि, जलगांव और परभणी के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में भी ऐसे वार्ड शुरू किए गए हैं। वहीं, अकोला में दोपहर 12 से 5 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल बंद रखने की अपील की गई है ताकि लोग धूप में अधिक देर तक न फंसे रहें।
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राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चिंता जताई जा रही है। पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हीटस्ट्रोक को प्राकृतिक आपदा घोषित करने और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की है।
महाराष्ट्र के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर तेज हो गया है। दिल्ली में तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने की संभावना के चलते मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और बुधवार से शुक्रवार तक लू चलने की चेतावनी दी गई है। ओडिशा में 14 स्थानों पर तापमान 40 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कुछ हिस्सों में 21 से 24 अप्रैल तक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21 से 25 अप्रैल तक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और सिक्किम में 21 से 25 अप्रैल तक तथा ओडिशा और झारखंड में 23 से 25 अप्रैल तक हीटवेव चलने की संभावना है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों और बिहार में भी तापमान बढ़ने के आसार हैं।
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