नई दिल्ली। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध में मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) ने मोर्चा खोल दिया है। AAP नेताओं ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय से प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, मनीष सिसोदिया और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में करीब 100 कार्यकर्ता दो लाख से अधिक हस्ताक्षरों वाली याचिकाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने जा रहे थे। 

हालांकि, पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर उन्हें रोक दिया। इसके बाद सभी नेता और कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शन 12 बजे शुरू हुआ और दोपहर 1 बजे तक चला। मौके पर दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और आरएएफ बलों की भारी तैनाती रही। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि सभी याचिकाएं प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दी जाएंगी। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने धरना खत्म करने की घोषणा की।

इस दौरान AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को US प्रेसिडेंट ट्रंप के दबाव में नहीं आना चाहिए। उन्हें USA से इथेनॉल खरीदना बंद करना चाहिए और हमारे देश पर E20 थोपना बंद करना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री हमें फोन करेंगे। हमने प्रधानमंत्री को मैसेज भेजा है कि हम उनसे मिलना चाहते हैं। संघर्ष जारी रहेगा। 

इस दौरान केजरीवाल सहित अन्य नेताओं ने सारे पिटीशन को पुलिस की गाड़ी में रख दिया है। यह पिटीशन प्रधानमंत्री कार्यालय जाएगा और यही इन्हें रिसीविंग मिलेगा। इसके साथ ही प्रदर्शन खत्म हो गया। केजरीवाल ने इस दौरान कहा कि अमेरिका का कचरा खरीदकर हमारी 30 लाख गाड़ियों पर थोपा जा रहा है। इसे रोकने के लिए हमें NEET आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन करना होगा। उन्होंने लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि E20 नीति के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल के प्रदर्शन पर कहा कि यह कांग्रेस और केजरीवाल के बीच देश का नंबर 1 अराजकतावादी बनने की होड़ का हिस्सा है। मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि जब से कांग्रेस ने पीएम आवास पर प्रदर्शन किया है, केजरीवाल खुद को पीछे महसूस कर रहे हैं। बिना परमिशन धरना-प्रदर्शन करना और फिर विक्टिम कार्ड खेलना केजरीवाल की पुरानी राजनीतिक शैली है।