भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह का फेसबुक अकाउंट हैक कर साइबर ठगों ने उनकी कमाई अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। मामले में रिंकू के बड़े भाई सोनू की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने साइबर टीम को अकाउंट रिकवरी और आरोपियों की तलाश के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, रिंकू सिंह के फेसबुक अकाउंट पर करीब 16 लाख फॉलोअर्स हैं और यह अकाउंट मोनेटाइज भी है जिससे उन्हें अच्छी आय होती है। सोनू ने बताया कि रिंकू पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच और टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियों में व्यस्त थे। जिसकी वजह से वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर नियमित रूप से ध्यान नहीं दे पा रहे थे।
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बताया गया कि बीते 4 फरवरी को रिंकू ने मुंबई से अपना फेसबुक अकाउंट लॉग इन करने की कोशिश की लेकिन कई प्रयासों के बावजूद अकाउंट नहीं खुला और पासवर्ड गलत बताया। बाद में जांच करने पर पता चला कि उनके अकाउंट से जुड़ी ईमेल आईडी बदल दी गई है। पहले अकाउंट ‘rinkukumar344.8.7’ से हुआ करता था लेकिन हैक होने के बाद यह ‘commercial.rinkukumar’ नाम की दूसरी ईमेल आईडी से जुड़ा हुआ दिखने लगा।
रिंकू ने यह भी पाया कि काफी समय से अकाउंट लॉग इन न करने के बावजूद उनकी आईडी से फोटो और वीडियो लगातार अपलोड किए जा रहे थे। आशंका जताई गई है कि अकाउंट से होने वाली मोनेटाइजेशन की पूरी आय साइबर ठगों के खाते में ट्रांसफर की जा रही थी।
मामले की जानकारी मिलने पर सोनू ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इसकी शिकायत की। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर रामेंद्र शुक्ला ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि साइबर टीम को हैकर्स का पता लगाने और अकाउंट रिकवर करने के निर्देश दिए गए हैं।
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साइबर विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ी ईमेल आईडी बदल दी जाती है तो इसका मतलब है कि हैकर को अकाउंट का पासवर्ड या एक्सेस मिल चुका है। आमतौर पर हैकर्स फर्जी लिंक के जरिए यूजर्स का डेटा हासिल करते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से पासवर्ड रीसेट की प्रक्रिया नए ईमेल पर चली जाती है और हैकर अकाउंट का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन के बढ़ते उपयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग और अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोहों की सक्रियता साइबर अपराध बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। लोगों को संदिग्ध लिंक से बचने, मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने और किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत करने की सलाह दी गई है।
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