देश की राजधानी दिल्ली में हाथों-हाथ बिक रही मध्य प्रदेश के बीना की चना भाजी

बीना के खुरई के महिलाएं इन दिनों रोजाना चने की भाजी लेकर दिल्ली बेचने जाती हैं, यहां 20-25 रुपए किलो बिकने वाली चने की भाजी दिल्ली में 80-90 रुपये किलो बिकती है

Updated: Jan 23, 2021, 07:27 PM IST

देश की राजधानी दिल्ली में हाथों-हाथ बिक रही मध्य प्रदेश के बीना की चना भाजी
Photo Courtesy: navdunia

मध्यप्रदेश के बीना और खुरई की चने की भाजी की दिल्ली में धूम मची है। यहां उगाई गई चने की भाजी देश की राजधानी के लोगों को बेहद पसंद आ रही है। बीना के दर्जनों गांवों की महिलाएं हररोज़ कई क्विंटल भाजी लेकर दिल्ली में बेचने के लिए जाती हैं। चने की यह भाजी दिल्ली और फरीदाबाद के सब्जी बाजारों में हाथों हाथ बिकती है।

जो भाजी बीना में 20-25 रुपये किलो बिकती है, उसे महिलाएं दिल्ली में 80-90 रुपये किलो में बेचती हैं, जिससे गरीब महिलाओं को फायदा होता है। कई गुना ज्यादा दाम मिलने की आस में महिलाएं भाजी बेचने दिल्ली तक जाती हैं। इसके लिए उन्हें खासी मशक्कत भी करनी होती है। चने की भाजी को कपड़ों की पोटलियों में पैक किया जाता है, लेकिन इस बात का खास ख्याल रखा जाता है कि इसमें पानी नहीं सींचा जाए। चने की भाजी बिना पानी सींचे कपड़े की पोटली में 24 घंटे तक ताजी रह सकती है।  

रोजाना बीना खुरई से चना भाजी लेकर दिल्ली जाने वाली महिलाओं का कहना है कि उन्हें वहां अच्छे दाम मिल जाते हैं। जिससे ट्रेन का खर्चा निकल आता है औऱ बचत भी हो जाती है। यही वजह है कि महिलाओं ने अपने शहर की बजाय दिल्ली की मंडियों का रुख किया।

 महिलाएं समूह बनाकर दिल्ली के लिए ट्रेन से रवाना होती है, औऱ 7-8 घंटे का सफर तय कर भाजी मंडी में बेचती हैं औऱ दूसरी ट्रेने से लौट आती हैं। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। महिलाओं का कहना है कि दिल्ली और फरीदाबाद में चने की भाजी के शौकीन बहुत से लोग हैं। हर महिला अपने साथ 80-100 किलो तक भाजी ले जाती है। टिकट औऱ खर्चा मिलाकर वे रोजाना करीब 500 रुपये की बचत कर लेती हैं। ये महिलाए बड़े किसानों के खेतों से भाजी तोड़ती हैं, क्योंकि चने की कोंपल तोड़ने से नए पत्ते आते रहते हैं और फसल अच्छी होती है। ऐसे में किसानों और महिलाओं दोनों का काम आसानी से बन जाता है।