MP: भावांतर से बिचौलिए तिजोरी भर रहे हैं, माकपा ने की MSP पर सरसों-तुअर की खरीदी की मांग

माकपा ने आरोप लगाया कि सरकार न केवल लागत का उचित मूल्य देने में विफल है, बल्कि घोषित MSP दिलाने से भी पीछे हट रही है, जिससे तेल कंपनियों के मुनाफे को बढ़ावा मिल रहा है।

Updated: Mar 18, 2026, 05:50 PM IST

भोपाल। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सरसों और तुअर की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि भावांतर योजना किसानों को वास्तविक लाभ देने के बजाय बिचौलियों और कंपनियों को फायदा पहुंचाने का माध्यम बन गई है।

माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने जारी बयान में कहा कि सरसों का एमएसपी 5950 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि किसान संगठनों की मांग कम से कम 7000 रुपये प्रति क्विंटल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न केवल लागत का उचित मूल्य देने में विफल है, बल्कि घोषित MSP दिलाने से भी पीछे हट रही है, जिससे तेल कंपनियों के मुनाफे को बढ़ावा मिल रहा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बाजार में सरसों तेल 185 से 260 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा। ऐसे में सवाल उठता है कि मुनाफा कमा रही कंपनियों के बीच किसान को वाजिब कीमत दिलाने में सरकार क्यों पीछे है।

तुअर दाल के मुद्दे पर माकपा ने कहा कि इसका MSP 8000 रुपये प्रति क्विंटल घोषित है, लेकिन भावांतर योजना से यह साफ है कि सरकार किसानों को पूरा दाम दिलाने के प्रति गंभीर नहीं है। बाजार में यही दाल 165 से 170 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जिससे कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं।

माकपा ने आरोप लगाया कि यदि MSP के नाम पर तुअर के दाम और गिराए जाते हैं, तो यह स्पष्ट होगा कि सरकार किसानों के बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों और बिचौलियों के हित में काम कर रही है।

पार्टी ने शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान मंदसौर गोलीकांड के बाद MSP से कम पर खरीद करने वालों पर कार्रवाई के वादे का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि बाद में कंपनियों के दबाव में भावांतर योजना लागू कर दी गई। माकपा ने मांग की है कि सरकार भावांतर योजना को समाप्त कर सरसों और तुअर की MSP पर प्रभावी खरीदी सुनिश्चित करे और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।