रूस ने भारत को तेल में भारी डिस्काउंट की पेशकश की, अमेरिका ने दी परिणाम भुगतने चेतावनी

यूक्रेन पर हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय दबाव और प्रतिबंध झेल रहे रूस की ओर से भारत को तेल की प्रत्यक्ष बिक्री पर भारी छूट की पेशकश की जा रही है, उधर अमेरिका ने भारत को प्रतिबंधों के उल्लंघन पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है

Updated: Apr 01, 2022, 03:15 PM IST

रूस ने भारत को तेल में भारी डिस्काउंट की पेशकश की, अमेरिका ने दी परिणाम भुगतने चेतावनी

नई दिल्ली। हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय दबाव और प्रतिबंध झेल रहे रूस की ओर से भारत को तेल की प्रत्यक्ष बिक्री पर भारी छूट की पेशकश की है।रिपोर्ट के अनुसार रूस चाहता है कि भारत इस साल के लिए अनुबंधित 15 मिलियन बैरल ले ले। वर्तमान में इसपर टॉप लेवल पर बातचीत हो रही है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के मुकाबले 35 डॉलर प्रति बैरल के डिस्काउंट पर भारत को कच्चा तेल बेचने का ऑफर दिया है। जिसपर भारत सरकार विचार कर रही है।

डिस्काउंट में तेल देने के समझौते में रूस के रोसनेफ्ट पीजेएससी और एशियाई देश के सबसे बड़े प्रोसेसर इंडियन ऑयल कॉर्प के शामिल होने की उम्मीद है।बता दें कि यूक्रेन पर हमले के बाद से अमेरिका और यूरोप के कई देश रूस से तेल नहीं खरीद रहे हैं। ऐसे में एशिया के देश ही रूस से तेल की खरीद कर रहे हैं. जिनमें भारत और चीन प्रमुख खरीदार हैं। हालांकि, अमेरिका अन्य देशों पर भी अब प्रतिबंध थोपने लगा है।

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अमेरिका ने गुरुवार को भारत को आगाह करते हुए कहा की रूस के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों में गतिरोध पैदा करने वाले देशों को अंजाम भुगतने पड़ेंगे। अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह ने कहा कि भारत को यह अपेक्षा नहीं करनी चाहिए कि यदि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) का उल्लंघन करता है तो रूस, भारत की रक्षा करने के लिए दौड़ा चला आएगा।

उन्होंने आगे कहा, ‘हम यह नहीं देखना चाहेंगे कि रूस से भारत के आयात में तीव्र वृद्धि हो क्योंकि यह ऊर्जा या किसी अन्य निर्यात से जुड़ी होगी जिस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखा है या अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हैं।' सिंह ने रूस से रियायती दर पर तेल खरीदने के भारत के फैसले के बारे में पूछे जाने पर यह कहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारत की ऊर्जा और रक्षा उपकरणों की जरूरत को पूरा करने में मदद करने को तैयार है।