भोपाल में भारत बंद का व्यापक असर, बैंक, डाकघर, ट्रांसपोर्ट समेत कई सेवाएं प्रभावित, ATM भी हुए कैश आउट

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने बुलाया था भारत बंद, मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों में दिखा असर, मंगलवार को भी प्रभावित रहेंगे कामकाज

Updated: Mar 28, 2022, 06:35 PM IST

भोपाल में भारत बंद का व्यापक असर, बैंक, डाकघर, ट्रांसपोर्ट समेत कई सेवाएं प्रभावित, ATM भी हुए कैश आउट

भोपाल। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने सोमवार और मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया है। सोमवार को मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। प्रदेश भर में बैंक, डाकघर, ट्रांसपोर्ट समेत कई सेवाएं प्रभावित रहे। ट्रेड यूनियनों ने कहा है कि मंगलवार को भी तमाम सेवाएं ठप रहेंगी। 

राजधानी भोपाल में सोमवार को बैंक, बीमा, BSNL, पोस्ट ऑफिस समेत कई विभाग के कर्मचारी हड़ताल करते दिखे। सबसे ज्यादा असर राजधानी की बैंकों पर दिखा। शहर के करीब 300 बैंकों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इतना ही नहीं बैंककर्मियों के हड़ताल की वजह से कई एटीएम भी कैश आउट हो गए। एटीएम कैश आउट होने की वजह से रहवासी भी इधर उधर भटकते दिखे। 

राजधानी के विभिन्न स्थानों पर आयोजित विरोध प्रदर्शनों में बैंक, बीमा, राज्य, केंद्र, बीएसएनएल, आयकर, पोस्ट ऑफिस, कोयला, रक्षा, आशा, उषा, आंगनवाड़ी, मध्याह्न भोजनकर्मी, मेडिकल री-प्रेजेंटेटिव, खेत, खदान, भवन निर्माण एवं अन्य संस्थानों में कार्यरत ट्रेड यूनियन के कर्मचारी शामिल रहे। ट्रांसपोर्ट सर्विसेज ठप होने की वजह से वजह से राजधानी भोपाल की करोंद अनाज मंडी भी सोमवार को बंद रही। 

बैंकों के बाहर धरना देने के बाद बैंक कर्मी नीलम पार्क चले गए थे। यहां वे धरने पर बैठ गए। इस दौरान बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं भी नीलम पार्क पहुंची। हम्माल-मजदूरों के अलावा बैंक, बीमा, डाकघर आदि विभागों के कर्मचारी भी शामिल हुए। बाहर रैली निकालने की परमिशन न मिलने की वजह से कर्मचारियों ने पार्क में ही रैली निकालकर विरोध जताया। 

इसी तरह मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी बैंककर्मियों ने व्यापक हड़ताल किया। बैंक में लोन सैंक्शन जैसे जरूरी काम अटके रहे। बैंककर्मियों का कहना है कि यहां भी कई एटीएम भी कैश आउट हो गए। जबलपुर, सतना, ग्वालियर, सागर, रीवा, आगर मालवा से भी विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आई है। 

हड़ताल को लेकर कर्मचारी संगठनों ने कहा कि वो केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी, किसान विरोधी, जनता विरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों के खिलाफ ये हड़ताल कर रहे हैं। बैंक यूनियन सरकारी बैंकों के निजीकरण को लेकर अपना विरोध जता रहे हैं। सरकार ने 2021 के बजट में दो और सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन की घोषणा की थी। कोयला, स्टील, तेल, दूरसंचार, डाक विभाग और बीमा से जुड़े कर्मचारियों इस हड़ताल में शामिल हुए।