ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिव्यांग को दी घटिया ट्राइसाइकिल, 500 मीटर चलते ही पहिया बैंड
गुना में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना में दिव्यांग को ट्राइसाइकिल दी। यह ट्राइसाइकिल महज 500 मीटर चलने के बाद टूट गई और दिव्यांग गर्मी में बीच सड़क परेशान होता रहा।
गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में भ्रष्टाचार की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथों दिव्यांग को घटिया ट्राइसाइकिल बांटी गई। यह ट्राइसाइकिल महज 500 मीटर चलने के बाद टूट गई और दिव्यांग गर्मी में बीच सड़क परेशान होता रहा।
दरअसल, पुरानी छावनी निवासी दिव्यांग रामरतन ओझा ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से ट्राइसाइकिल दिलाने की गुहार लगाई थी। सिंधिया के निर्देश पर सामाजिक न्याय विभाग ने सोमवार को सर्किट हाउस में रामरतन को ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई और केंद्रीय मंत्री ने खुद माला पहनाकर उसे ट्राइसाइकिल सौंपा।
दिव्यांग रामरतन ओझा को उम्मीद थी कि ट्राइसाइकिल मिलने के बाद उनकी जिंदगी आसान हो जाएगी। ट्राइसाइकिल पाकर बुजुर्ग दिव्यांग की आंखों में खुशी के आंसू थे, लेकिन यह खुशी हनुमान चौराहे तक भी नहीं पहुंच सकी। सर्किट हाउस से निकलते ही महज 500 मीटर की दूरी पर ट्राइसाइकिल का पहिया रिम सहित टेढ़ा होकर बाहर निकल आया। बीच सड़क पर बेबस बुजुर्ग काफी देर तक घिसटता और परेशान होता रहा। 
मामला तूल पकड़ते ही विभाग के अधिकारियों ने अपनी झूठ का सहारा लेना शुरू कर दिया। महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी अब्दुल गफ्फार खान ने हास्यास्पद दलील देते हुए कहा कि किसी वाहन ने टक्कर मारी होगी, इसलिए पहिया टेढ़ा हुआ है। जबकि प्रत्यक्षदर्शी दुकानदारों का कहना है कि उनके सामने ही चलते-चलते घटिया क्वालिटी का पहिया मुड़ गया। किसी भी वाहन ने उसे टक्कर नहीं मारी।
सोशल मीडिया पर किरकिरी होने के बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अधिकारियों को ट्राइसाइकिल तुरंत बदलवाने को कहा। सिंधिया की टीम लाभार्थी रामरतन ओझा के घर पहुंची और उन्हें दूसरी ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई।




