CM शिवराज के गृह जिले में धान खरीदी को लेकर किसान परेशान, कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोया किसान

9 दिनों से धान खरीदी केंद्र का चक्कर काट रहा किसान, फिर भी नहीं हुई खरीदी, कांग्रेस बोली- जब ये हाल CM गृह जिले सीहोर के हैं, तब अनुमान लगाइए, समूचे प्रदेश में किसानों के कितने बुरे हाल होगे?

Updated: Jan 07, 2023, 06:38 PM IST

CM शिवराज के गृह जिले में धान खरीदी को लेकर किसान परेशान, कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोया किसान

सीहोर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले में किसानों का हाल बेहाल है। यहां किसान अपनी उपज लेकर खरीदी केंद्रों पर जा रहे हैं, और निराश होकर वापस लौट रहे हैं। पिछले 9 दिनों से धान खरीदी केंद्र का चक्कर काट रहा एक किसान मीडिया के कैमरों पर फूट-फूटकर रोने लगा। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसका वीडियो शेयर कर आरोप लगाया है कि खरीदी केंद्र भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुके हैं।

मामला सीहोर के तकीपुर धान खरीदी केंद्र का बताया जा रहा है। यहां ढाबला के किसान महेश परमार पिछले कई दिनों अपनी धान लेकर आ रहे हैं। महेश परमार को धान खरीदी केंद्र पर 9 दिन हो चुके हैं परंतु उनकी धान अभी तोली नहीं गई। वे रोज किराया लगाकर गांव से उपज लाते हैं, और निराश होकर वापस लौटते हैं।

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परमार कुव्यवस्था से इतने परेशान हो चुके हैं कि मीडिया के कैमरे पर फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने आरोप आरोप लगाया कि पिछले 9 दिनों से उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। पहले उन्हें आपका नंबर कल आएगा, फिर 3 दिन बाद बोला गया कि आपकी धान की क्वालिटी खराब है। इसको साफ कर लाइए। इसके बाद उन्होंने अपनी धान को 1 दिन भूखे प्यासे रहकर खरीदी केंद्र पर ही साफ किया। बावजूद खरीदी नहीं हुई।

परमार के मुताबिक क्वालिटी चेक करने आए सर्वेयर कर्मचारी ने धान पास कराने के लिए पैसों की मांग की। उन्होंने कहा मैं गरीब किसान हूं। भूखे प्यासे रहकर यहां इंतजार कर रहा हूं। आपको देने के लिए मेरे पास रुपए नही हैं। इतना सुनने के बाद उन्हें धान खरीदने के लिए मना कर दिया गया। उन्होंने इस पूरी घटना की शिकायत डायल 181 पर भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सीहोर कलेक्टर प्रवीण कुमार सिंह को भी कई बार कॉल किया लेकिन वे कॉल नहीं उठाए।

परमार रुआंसे होकर कहते हैं कि मैं किराए का ट्रैक्टर लेकर अपनी धान को लेकर आया था। ट्रैक्टर वाला भी धान यहीं छोड़कर चला गया। अगर मेरी धान को पहले दिन ही रिजेक्ट कर दिया जाता तो मैं इतना परेशान नहीं होता।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा ने परमार का वीडियो शेयर कर कहा कि, 'मध्यप्रदेश में धान बिक्री नही होने के कारण किसान इसी तरह फूट फूटकर रो रहे है। फसल खरीदी केंद्र भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके है। जब अन्नदाता किसानों के ये हाल प्रदेश के मुखिया के गृह जिले सीहोर के है,तब अनुमान लगाइए, समूचे प्रदेश में किसानों के कितने बुरे हाल होंगे?'