CG कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, लखेश्वर बघेल बने उपनेता प्रतिपक्ष, दलेश्वर साहू को चीफ व्हिप की जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र से पहले कांग्रेस ने बड़ा बदलाव किया है। बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल को उपनेता प्रतिपक्ष, दलेश्वर साहू को मुख्य सचेतक और दिलीप लहरिया को उप सचेतक नियुक्त किया गया है।

Updated: Feb 23, 2026, 02:34 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी बजट सत्र से ठीक पहले प्रदेश कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा और रणनीतिक बदलाव करते हुए सदन के भीतर अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। बस्तर से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए लखेश्वर बघेल को कांग्रेस विधायक दल का उपनेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, दलेश्वर साहू को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) और दिलीप लहरिया को उप सचेतक (डिप्टी व्हिप) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों की जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देते हुए बताया कि यह निर्णय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सहमति से लिया गया है।

सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र और बुधवार को साय सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले बजट से पहले इन बदलावों को बेहद अहम माना जा रहा है। कांग्रेस ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह नई टीम के साथ विष्णु देव साय सरकार को आक्रामक तरीके से घेरने की तैयारी में है। इसी क्रम में 23 फरवरी को शाम चार बजे रायपुर स्थित राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की अध्यक्षता में होगी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज और सभी कांग्रेस विधायक शामिल होंगे। बैठक में भाजपा सरकार को बजट सत्र के दौरान किन मुद्दों पर घेरा जाए इसकी रणनीति तय की जाएगी।

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उपनेता प्रतिपक्ष बनाए गए लखेश्वर बघेल बस्तर क्षेत्र के एक प्रमुख आदिवासी नेता हैं और स्थानीय स्तर पर लखू भैया के नाम से पहचाने जाते हैं। वे लंबे समय से आदिवासी समुदाय की आवाज उठाते रहे हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1959 को बस्तर जिले के गिरोला गांव में हुआ था। उन्होंने बीए की पढ़ाई की और सामाजिक कार्यों से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। साल 2000 से 2005 तक वे बस्तर जिला पंचायत के अध्यक्ष भी रहे थे और आदिवासी विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करते थे। वे बस्तर जन जागरण नवयुवक मंडल और आदिवासी विकास परिषद जैसी संस्थाओं से भी जुड़े थे।

राजनीतिक रूप से वे 2005 से 2018 तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष रहे थे। उन्होंने करीब 15 सालों तक बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूत किया। इसके बाद वह साल 2013 में पहली बार बस्तर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए और विधायक दल के मुख्य सचेतक बनाए गए। वहीं, 2018 और 2023 में लगातार दूसरी और तीसरी बार जीत दर्ज कर उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ साबित की। लगातार तीन जीत के बावजूद उनके खिलाफ क्षेत्र में एंटी इनकंबेंसी का असर नहीं दिखाई दी थी। इसका श्रेय उनकी जमीनी सक्रियता और जनता से सीधे जुड़ाव को दिया जाता है।

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विधानसभा में उनका योगदान भी उल्लेखनीय रहा है। वे अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण समिति, नियम समिति, लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति, विशेषाधिकार समिति और सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति सहित कई समितियों के सदस्य और सभापति रह चुके हैं। साल 2019 से 2021 तक वे सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति के अध्यक्ष भी रहे हैं। जबकि, साल 2020 में उन्हें बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था। साल 2024-25 में उन्हें उत्कृष्ट विधायक के रूप में भी चयनित किया गया था। वहीं, इस दौरान राज्यपाल रामेन डेका ने उनकी सक्रियता की सराहना की थी।

अब लंबे समय से खाली उपनेता प्रतिपक्ष के पद पर लखेश्वर बघेल नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के साथ मिलकर सदन में विपक्ष की रणनीति तैयार करेंगे। उनकी नियुक्ति को आदिवासी बहुल बस्तर क्षेत्र की मजबूत आवाज सदन में पहुंचाने और आदिवासी वोट बैंक को सुदृढ़ करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में माओवाद, भूमि अधिकार, वन नीति, विकास की कमी, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। माना जा रहा है कि वे बजट सत्र के दौरान इन विषयों पर सरकार से जवाब मांगेंगे और विकास दावों की पड़ताल करेंगे।

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मुख्य सचेतक बनाए गए दलेश्वर साहू की जिम्मेदारी सदन में पार्टी विधायकों के बीच समन्वय स्थापित करना, अनुशासन बनाए रखना और तय रणनीति को लागू कराना होगी। वहीं, उप सचेतक दिलीप लहरिया चीफ व्हिप का सहयोग करते हुए विधायकों के बीच तालमेल मजबूत करेंगे। पार्टी का कहना है कि इन नियुक्तियों से कांग्रेस की संगठनात्मक पकड़ मजबूत होगी और विधानसभा के भीतर विपक्ष की भूमिका पहले से अधिक सक्रिय और प्रभावी नजर आएगी।