भारत-अमेरिका ट्रेड डील से झूम उठा शेयर बाजार, सेंसेक्स 2300 अंक चढ़ा, निफ्टी 700 अंक ऊपर

रियल्टी, ऑटो और IT शेयर में सबसे ज्यादा खरीदारी है। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 5% चढ़ा है। आईटी और ऑटो इंडेक्स में 4% की तेजी है। निफ्टी मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर और बैंक इंडेक्स में लगभग 3% की तेजी है।

Updated: Feb 03, 2026, 11:03 AM IST

मुंबई। भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि अब भारत पर 50 प्रतिशत नहीं, केवल 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन कॉल के बाद इस व्यापार समझौते की घोषणा की गई। इस डील का असर ये हुआ कि भारतीय शेयर मार्केट झूम उठा।

मंगलवार को शेयर बाजार में शानदार तेजी है। सेंसेक्स 2300 (2.40%) अंकों की तेजी के साथ 84,600 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 700 (2.75%) अंक की तेजी है। ये 25,800 पर है। रियल्टी, ऑटो और IT शेयर में सबसे ज्यादा खरीदारी है। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 5% चढ़ा है। 

वहीं, आईटी और ऑटो इंडेक्स में 4% की तेजी है। निफ्टी मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर और बैंक इंडेक्स में लगभग 3% की तेजी है। निफ्टी 50 के 46 शेयरों में तेजी और 4 में गिरावट है। इससे पहले 1 फरवरी को बजट में STT टैक्स बढ़ने के ऐलान के बाद सेंसेक्स 1,546 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ था। वहीं कल 2 फरवरी को सेंसेक्स 943 अंक चढ़कर 81,666 पर बंद हुआ था। आज भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऐलान चलते बाजार में तेजी है।

भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील से अडाणी ग्रुप के शेयर 13 फीसदी तक चढ़े हैं। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के अनुसार, अडाणी ग्रुप का अमेरिका में कई सेक्टर्स में बड़ा कारोबार है, इसलिए इसके शेयरों में तेजी है। अडाणी ग्रीन सबसे ज्यादा 12.87% उछलकर ₹951.35 पर पहुंच गया है। अडाणी एंटरप्राइजेज 11.4% बढ़कर ₹2,222.35 पर ट्रेड कर रही है। अडाणी पोर्ट्स का शेयर 8.35% चढ़कर ₹1,519.80 पर पहुंच गया। वहीं अडाणी पावर का शेयर 7.75% बढ़कर ₹145 पर पहुंच गया।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2 फरवरी को कहा कि वे भारत के साथ डील पर सहमत हैं, जिसमें टैरिफ 50% से घटकर 18% हो जाएगा। भारत रूस से ऑयल खरीद बंद करेगा और US से ज्यादा एनर्जी, टेक्नोलॉजी और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स खरीदेगा।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी राजदूत दोनों ने ही टैरिफ कट और व्यापार समझौते पर सहमति करने के साथ ही रूसी तेल का मुद्दा भी उठाया है। एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी पोस्ट में एक बार फिर से ये दावा किया है कि भारत, रूस से तेल की खरीद बंद करेगा। वहीं हाल ही में वेनेजुएला के तेल सेक्टर पर अपना कंट्रोल लेने वाले ट्रंप न कहा कि हमारे बीच टैरिफ के अलावा एनर्जी, भू-राजनीति और वैश्विक सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर बात हुए। उन्होंने दोनों देशों के बीच समझौते का ट्रिगर पॉइंट Russian Oil को बताया और कहा कि भारत, रूस से तेल की खरीद कम करेगा, जबकि इसके बदले अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से अधिक तेल-गैस खरीदेगा।