मध्य प्रदेश में अर्थी पर सिस्टम, न इलाज मिला न शव वाहन, मां की लाश बाइक पर ले गए बेबस बेटे

मध्य प्रदेश के शहडोल में शव वाहन न मिलने पर अपनी मां के शव को बाइक पर बांधकर 80 किलोमीटर दूर घर ले जाने को मजबूर हुए बेटे, दिल को झकझोरने वाला वीडियो वायरल

Updated: Aug 01, 2022, 01:58 PM IST

मध्य प्रदेश में अर्थी पर सिस्टम, न इलाज मिला न शव वाहन, मां की लाश बाइक पर ले गए बेबस बेटे

शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल से एक दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां शव वाहन नहीं मिलने के कारण बेटों को मां का शव लकड़ी की पटरी में बाधकर बाइक से शहडोल जिले से पड़ोसी जिले अनूपपुर तक 80 किलोमीटर दूर अपने घर ले जाना पड़ा। घटना के वीडियो ने सिस्टम और इंसानियत की पोल खोल दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अनूपपुर के गोडारू गांव की रहने वाली महिला जयमंत्री यादव को सीने में तकलीफ होने के कारण परिजनों ने जिला अस्पताल शहडोल में भर्ती कराया था। यहां इलाज न मिलने के कारण महिला की मौत हो गई। मां की मौत के बाद बेटे शव वाहन के लिए मेडिकल कॉलेज में भटकते रहे लेकिन उन्हें वहां कुछ नहीं मिला।

बाद में एक प्राइवेट शव वाहन वाले से बात की तो उसने 5 हजार रुपये मांगे। पेशे से मजदूर बेटों के पास इतने रुपए नहीं थे। पांच हजार नहीं होने के कारण शव को बाइक पर ही ले जाना पड़ा। इस घटना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मृतक महिला के बेटों का आरोप है कि अनुपपुर जिले से शहडोल मेडिकल कॉलेज में अपनी मां का इलाज कराने आए थे, लेकिन यहां इलाज नहीं मिलने से उनकी मां की मौत हो गई। इसके बाद उनको शव वाहन चाहिए था, जो मांगने पर भी अस्पताल के द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया।

मजबूरन बेटों ने 100 रुपए की एक लकड़ी की पटिया खरीदी और उसके ऊपर शव को बांधकर बाइक से 80 किलोमीटर का सफर तय कर अनूपपुर जिले के ग्राम गुड़ारू अपने घर पहुंचे। मृतका के परिजनों का आरोप है कि कहने को तो शहड़ोल संभाग का सबसे बड़ा सर्व सुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज है, लेकिन यहां लोगों को अच्छा इलाज तो छोड़िये मरने पर शव वाहन भी नहीं मिलता।