ग्वालियर में आवारा कुत्तों का आतंक, पांच दिन में तीन लोगों की रैबीज से मौत
ग्वालियर में आवारा कुत्तों के हमले से 3 मौतों से हड़कंप मच गया है। कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम ने 5 शेल्टर होम और नए नसबंदी केंद्र की शुरुआत की है।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में आवारा कुत्तों के हमलों ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। रैबीज संक्रमण से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौतों के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। बढ़ते डॉग बाइट मामलों को देखते हुए नगर निगम ने आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। डॉग बाइट से पिछले पांच दिनों से मरने वालों में 6 वर्षीय हंस प्रजापति, 48 वर्षीय किरण लिलवानी और 65 वर्षीय सेवाई बाई शामिल हैं।
जिला शांति समिति की बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान की मौजूदगी में नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने जानकारी दी कि शहर में पांच डॉग शेल्टर होम बनाए जाएंगे। इनमें से एक शेल्टर होम लक्ष्मीगंज के पीछे शुरू भी किया जा चुका है। इसके अलावा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर लगाम लगाने के लिए नया एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर शुरू किया गया है। जहां नसबंदी अभियान को तेज किया जाएगा। निगम ने आवारा कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था में भी बदलाव किया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे डॉग बाइट या आवारा कुत्तों की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 9238351620 और 0751-2438358 पर दें।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने लोगों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की है। नागरिकों को आवारा कुत्तों को उकसाने, पत्थर मारने या भगाने से बचने की सलाह दी गई है। यदि कोई कुत्ता पास आए तो शांत रहने और भागने या चिल्लाने से बचने को कहा गया है। खास तौर पर बच्चों को कुत्तों से दूर रखने की हिदायत दी गई है।
पालतू कुत्ते पालने वाले लोगों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निगम ने पालतू कुत्तों का समय पर टीकाकरण अनिवार्य बताते हुए एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पर जोर दिया है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को पट्टे से घुमाने की सलाह दी गई है। नगर निगम द्वारा नि:शुल्क नसबंदी और एंटी रैबीज टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए नागरिक एबीसी सेंटर के हेल्पलाइन नंबर 9555676921 पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कॉल या व्हाट्सएप कर सकते हैं।
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डॉग बाइट मामलों के आंकड़े हालात की गंभीरता को दर्शा रहे हैं। सोमवार को शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों में कुल 455 लोग कुत्तों के काटने का इलाज कराने पहुंचे थे। इनमें जिला अस्पताल मुरार में 170, सिविल अस्पताल हजीरा में 152 और न्यू जेएएच के पीएसएम विभाग में 133 मरीज पहुंचे थे।
एंटी रैबीज टीकाकरण के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिला अस्पताल मुरार में साल 2025 में 31,756 डोज लगाए गए थे। जबकि, साल 2026 में अब तक 905 डोज दिए जा चुके हैं। न्यू जेएएच में साल 2025 के दौरान 27,599 और साल 2026 में अब तक 837 डोज लगाए गए हैं। वहीं, सिविल अस्पताल हजीरा में साल 2025 में 23,141 और साल 2026 में अब तक 772 एंटी रैबीज डोज लगाए जा चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा लेकिन इसके लिए नागरिकों की जागरूकता और सहयोग बेहद जरूरी है।
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