ग्वालियर। मध्य प्रदेश ग्वालियर में साइबर ठग लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला मालनपुर क्षेत्र का है जहां एक निजी फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी को केवाईसी अपडेट नहीं होने और बैंक खाता बंद होने का डर दिखाकर साइबर अपराधियों ने 1 लाख 63 हजार 799 रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। ठगों ने फर्जी लिंक भेजकर बैंकिंग जानकारी हासिल की और कुछ ही मिनटों में खाते से रकम निकाल ली। शिकायत के बाद महाराजपुरा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, दीनदयाल नगर निवासी रामदास राठौर मालनपुर स्थित एक प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। घटना वाले दिन वह अपने काम में व्यस्त थे। तभी उनके मोबाइल पर एक संदेश आया। मैसेज में लिखा था कि उनके बैंक खाते की केवाईसी प्रक्रिया अधूरी है और समय रहते अपडेट नहीं कराने पर खाता बंद किया जा सकता है।

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मैसेज पूरी तरह बैंक की ओर से भेजे गए आधिकारिक संदेश जैसा दिखाई दे रहा था। इसी वजह से रामदास को उस पर कोई शक नहीं हुआ। इसके बाद ठगों ने उन्हें एक लिंक भेजी और ऑनलाइन केवाईसी अपडेट करने के लिए उस पर क्लिक करने को कहा। जैसे ही उन्होंने लिंक ओपन की वैसे ही उनकी बैंकिंग और मोबाइल से जुड़ी जरूरी जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच गई।

कुछ ही देर में उनके खाते से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। पहली बार में 99 हजार 999 रुपए और दूसरी बार में 63 हजार 800 रुपए निकाल लिए गए। लगातार पैसे कटने के मैसेज मोबाइल पर आने लगे तो रामदास घबरा गए और तुरंत बैंक पहुंचे। वहां अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी गई।

बैंक अधिकारियों ने जांच के दौरान स्पष्ट किया कि बैंक कभी भी ग्राहकों को केवाईसी अपडेट कराने के लिए किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए नहीं कहता। साथ ही इस तरह के संदेश भी आधिकारिक रूप से नहीं भेजे जाते। इसके बाद पीड़ित को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

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घटना के बाद रामदास राठौर ने महाराजपुरा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और भेजी गई लिंक की जांच कर रही है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। बैंक खाते, केवाईसी या एटीएम से जुड़ा कोई भी संदेश मिलने पर उसकी पुष्टि सीधे बैंक शाखा या आधिकारिक हेल्पलाइन से ही करें। छोटी सी लापरवाही साइबर अपराधियों को आपकी मेहनत की कमाई तक पहुंचा सकती है।

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