MP Honey Trap: लाइव इंडिया चैनल ऑफिस में क्राइम ब्रांच की रेड

Crime Branch: लाइव इंडिया चैनल के हेड ऑफिस पहुंची भोपाल क्राइम ब्रांच टीम, सर्वर, कंप्यूटर और हार्डडिस्क की जांच

Updated: Sep 03, 2020 02:50 AM IST

MP Honey Trap: लाइव इंडिया चैनल ऑफिस में क्राइम ब्रांच की रेड
Photo Courtsey: Bhopal Samachar

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आए दिन एक के बाद एक नए हनी ट्रैप का खुलासा हो रहा है। इसी क्रम में डॉक्टर का स्टिंग ऑपरेशन और ब्लैकमेलिंग मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच ने बुधवार (2 सितंबर) को लाइव इंडिया 24×7 न्यूज चैनल के दफ्तर में रेड मारा है। बताया जा रहा है कि इस दौरान क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने कार्यालय में काम कर रहे लोगों को बाहर निकालकर तमाम कंप्यूटर्स, सर्वर और हार्डडिस्क की जांच पड़ताल किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एएसपी क्राइम ब्रांच गोपाल धाकड़ की अगुवाई में क्राइम ब्रांच की टीम आज दोपहर लाइव इंडिया चैनल के राजधानी भोपाल के एमपी नगर में प्रेस कॉम्प्लेक्स स्थित ऑफिस पहुंची। क्राइम ब्रांच ने इस निजी मीडिया चैनल के तमाम स्टाफ को काम बंद करके न्यूज़ रूम से बाहर निकाल दिया और फिर सघन जांच-पड़ताल करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान ऐसे कई साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं जिससे मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

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बता दें कि इसी चैनल के एक रिपोर्टर पर हमीदिया अस्पताल के पूर्व अधीक्षक दीपक मरावी का स्टिंग कर उन्हें ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि वह लड़की कथित रूप से मीडिया चैनल का सहारा लेकर डॉक्टर को ब्लैकमेल कर रही थी और 50 लाख रुपए की मांग की थी।

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वहीं मामले में एक अन्य एंगल यह है कि एक लड़की ने डॉक्टर मरावी के ऊपर क्लीनिक बुलाकर छेड़छाड़ करने की शिकायत की थी। मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच ने अबतक 2 लड़कियों समेत 5 लोगों को आरोपी बनाकर केस दर्ज किया है। वहीं दो कथित आरोपियों को जेल भेज दिया है। वहीं बुधवार को क्राइम ब्रांच ने डॉक्टर मरावी व शिकायतकर्ता लड़की को पूछताछ के लिए बुलाया है। 

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डॉक्टर मरावी पर पहले भी लग चुके हैं आरोप

साल 2017 में तत्कालीन अधीक्षक डॉक्टर दीपक मरावी पर अस्पताल की नर्सों ने आरोप लगाया था कि वे स्टाफ से ठीक से बात नहीं करते। हर बात पर द्विअर्थी शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।डाक्टर पर एक नर्स को कॉलर पकड़कर धक्का देने का आरोप भी लग चुका है। वहीं डाक्टर मरावी की डिग्री एमसीआई में रजिस्टर्ड नहीं होने के बावजूद उनके रेगुलर होने को लेकर भी मामला उछला था।