विंध्य की संस्कृति पर प्रहार नहीं सहेंगे, बीजेपी MLA दिव्यराज कि CM चौहान को चेतावनी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रीवा रियासत के युवराज दिव्याराज सिंह ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, भगवान बांधवाधीश के दर्शन को अड़े, घंटों धरना के बाद प्रशासन ने दी इजाजत, सीएम शिवराज को टैग कर लिखा था- जब तक मैं हूं लोगों को मंदिर में दर्शन करने से कोई नहीं रोक सकता

Updated: Aug 19, 2022, 03:46 PM IST

विंध्य की संस्कृति पर प्रहार नहीं सहेंगे, बीजेपी MLA दिव्यराज कि CM चौहान को चेतावनी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा रियासत के युवराज और बीजेपी विधायक दिव्यराज सिंह ने बांधवगढ़ दर्शन को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मैं हूं, लोगों को कोई भी दर्शन करने से रोक नहीं सकता। हम विंध्य की संस्कृति पर प्रहार नहीं सकेंगे। धरने के दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले गई। हालांकि, वे अड़े रहे। बाद में सभी को दर्शन करने की अनुमति भी दी गई।

बता दें कि बांधवगढ़ नेशनल पार्क के अंदर प्राचीन बँधवाधीश मंदिर है और यहीं भगवान विष्णु की हज़ारों साल पुरानी विशाल प्रतिमा है। साथ ही यहां सदियों पुराने शिवलिंग मौजूद हैं। बांधवगढ़ का बांधवाधीश मंदिर श्रद्धालुओं के लिए साल में एक ही दिन जन्माष्टमी के दिन खोला जाता था जहां पर की दूर-दूर से श्रद्धालु आकर भगवान के दर्शन करते थे। लेकिन इस बार प्रशासन ने जन्माष्टमी के मौके पर भी मेले का आयोजन और मंदिर में लोगों की एंट्री पर बैन लगा दिया। 

सिरमौर से बीजेपी विधायक दिव्यराज सिंह इसी बात को लेकर भड़क गए। वे अपने पिता व रीवा राज घराने के महारज पुष्पराज सिंह के साथ एक दिन पहले यानी गुरुवार से ही धरने पर बैठे गए। उन्होंने सीएम चौहान को टैग करते हुए एक सार्वजनिक बयान भी जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि, 'रीवा राजघराने की बरसों पुरानी परंपरा के अनुरूप बांधवगढ़ नेशनल पार्क में स्थित भगवान बाँधवाधीश का पवित्र मंदिर वर्ष में सिर्फ़ एक बार ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन सिर्फ कुछ ही समय के लिए खुलता है। इस मौके पर लगभग 50 हज़ार श्रद्धालु भगवान के दर्शन हेतु अपना रजिस्ट्रेशन कराते हैं। यह पवित्र मंदिर हमारे समस्त विंध्यवासियों की आस्था के एक बिन्दु की तरह है।'

उन्होंने लिखा कि, 'इस बार बरसों पुरानी परंपरा के साथ और आम जनमानस की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन कहना है कि जंगल में हाथियों का मूवमेंट ज़्यादा है इसलिए इस बार नही वहाँ श्रद्धालु जा सकते हैं और न ही ऐतिहासिक परंपरा और संस्कृति के अनुरूप वहाँ पूजा हो सकती है। मेरा मानना है कि हाथियों का मूवमेंट जंगल में नहीं होगा तो क्या शहर में होगा और अगर मूवमेंट ज़्यादा है तो वन विभाग और प्रशासन इसके इंतजाम करे। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से मैंने यह भी कहा कि चलिए मेरे साथ और मुझे दिखाइए हाथियों की मूवमेंट तो इस बात पर भी वह विभाग के हाथ-पांव फूलने लगे। उमरिया ज़िले का प्रशासन अपनी अक्षमता को दर्शाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा।'

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मैं हूँ ऐसा नहीं होने दूंगा, आमजन की आस्था मेरी आस्था है। प्रशासन जब तक श्रद्धालुओं को दर्शन करने इस इजाज़त और उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम की जिमेदारी नहीं लेता मैं धरने पर बैठा रहूंगा। शुक्रवार को उन्होंने धरना स्थल की तस्वीरें भी साझा किया। इसके साथ उन्होंने लिखा कि सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है, श्रद्धालुओं को भगवान बाँधवाधीश महाराज के मुख्य द्वार तक नहीं आने दिया जा रहा है. इसके बावजूद भक्तों की श्रद्धा देखिए, लगातार श्रद्धालु आ रहे हैं। हम विंध्य की परंपरा और संस्कृति पर प्रहार नहीं सहेंगे। हम डटे थे, हम डटे हैं और हम डटे रहेंगे।'

बताया जा रहा है कि बाद में पुलिस ने बलप्रयोग करते हुए प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई को लेकर गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान का जन्म कारागार में हुआ था, हम भी अपने भगवान के लिए कारागार भर देंगे। बताया जा रहा है कि पुलिस उन्हें उठाकर थाने ले गई। बाद में वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें मंदिर जाकर पूजा करने की अनुमति दी गई। हालांकि, इस बार हर वर्ष की भांति कोई मेले का आयोजन न हो सका।