मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय है। मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर तेज हो गया है। अगले 24 घंटे में डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहां 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। इसके अलावा 20 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। जबकि, पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई स्थानों पर तेज बारिश के आसार हैं।
मौसम केंद्र के मुताबिक, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, मंडला, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सतना, सिंगरौली, मैहर, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।
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रविवार रात भोपाल में तेज बारिश हुई थी। विदिशा जिले के लटेरी में भी करीब एक घंटे तक लगातार तेज बारिश के कारण मेन बाजार की सड़कों पर पानी भर गया। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने 27 अगस्त तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए भी तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
बारिश के कारण रीवा में बाढ़ जैसे हालात के बीच एक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए शव गांव तक पहुंचाने में मुश्किल का सामना करना पड़ा। मामला जवा जनपद की रौली गांव का है। रविवार को मोतीलाल तिवारी की रीवा के संजय गांधी अस्पताल में मौत हो गई थी।
अस्पताल से शव को गांव लाया जा रहा था लेकिन बाढ़ के पानी ने गांव तक जाने वाला रास्ता बंद कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने दो ड्रमों को आपस में बांधकर अस्थायी साधन तैयार किया। उसी पर शव को रखकर तेज बहाव वाले पानी को पार कराया गया। ग्रामीण शव को गांव तक ले गए। जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।
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मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 629.8 मिलीमीटर यानी करीब 24.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 707.3 मिलीमीटर यानी 27.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में औसत से करीब 3 इंच और कुल 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से 8 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 14 प्रतिशत कम है। पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी करीब 19 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, डिंडौरी और अन्य प्रभावित जिलों में बारिश सामान्य से 6 से 50 प्रतिशत तक कम रही है।
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पश्चिमी हिस्से में भी कई जिले औसत से पीछे हैं। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1 से 48 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर है। अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में सक्रिय सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।
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