MP में बारिश का कहर, सीधी में बही 104 करोड़ की लागत से बनी सड़क, 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में मानसून के स्ट्रॉन्ग सिस्टम से पूर्वी हिस्से में भारी बारिश हो रही है। 16 जिलों में अलर्ट के बीच सीधी में ₹104 करोड़ की सड़क बह गई।
मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर तेज हो गया है। शनिवार को मौसम विभाग ने 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण नदी और नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सीधी में छह महीने पहले बनी 104 करोड़ रुपए की सड़क का हिस्सा बह गया। जबकि, सतना में बाइक समेत तीन लोग नाले में बह गए। इनमें दो लोग बच गए लेकिन एक अब भी लापता है।
सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र में तेज बारिश का असर सड़क पर भी दिखाई दिया। खैरा-डिठौरा मार्ग पर पानी के तेज बहाव से सड़क का बड़ा हिस्सा कटकर बह गया। इस सड़क का निर्माण करीब छह महीने पहले ही हुआ था और इसकी लागत 104 करोड़ रुपए बताई गई है। इतनी कम अवधि में सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। सड़क बहने से इस मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है।
सतना के नागौद क्षेत्र में शुक्रवार रात ललचहा-इटमा नाले में अचानक तेज बहाव आने से बाइक समेत तीन लोग बह गए। बालेंद्र सिंह और दीपू पांडेय किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए लेकिन तीसरे व्यक्ति का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस और SDRF की टीम उसकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही है। घटनास्थल से बाइक बरामद कर ली गई है।
नरसिंहपुर में लगातार बारिश और बरगी बांध के गेट खुले होने के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते पानी के चलते बरमान का रेतघाट पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है। झांसीघाट पुल भी पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गया है। प्रशासन ने प्रमुख घाटों पर SDRF की टीमें तैनात कर दी हैं ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू किया जा सके।
बालाघाट और नैनपुर के बीच भी बारिश के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है। नैनपुर के पास भीमा नाला उफान पर आने के बाद पुलिया के ऊपर पानी बहने लगा। इसके चलते बालाघाट-नैनपुर मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। सड़क के दोनों ओर लोगों की आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पन्ना जिले के धरमपुर क्षेत्र में भी तेज बहाव के कारण बड़ा हादसा होते-होते बचा। कालिंजर से अजयगढ़ जा रहा एक डंपर शहपुरा नदी में पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। डंपर चालक सनी उर्फ रोहित सिंह ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलने के बाद पुलिस और SDRF की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि उफनती नदियों, नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें।
छतरपुर के महाराजपुर क्षेत्र के हरपई पुरवा गांव में भी बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ा दी है। कुम्हेड़ नदी का पानी बढ़ने से करीब 250 से 300 लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। गांव में पुल नहीं होने के कारण नदी पार करना ग्रामीणों के लिए मजबूरी बन गया है। बच्चों को सुरक्षित दूसरी तरफ पहुंचाने के लिए अभिभावक उन्हें कंधे पर बैठाकर नदी पार करा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी पुल बनाने की मांग की है।
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण बारिश का असर अभी बना रहेगा। ऐसे में नदी-नालों और पुलों पर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और तेज बहाव वाले रास्तों पर जाने से बचने की अपील की है।




