जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के एक कारोबारी ने सूदखोरों की लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। गंभीर हालत में उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद परिवार ने लार्डगंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि भारी ब्याज वसूली और लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर व्यापारी ने यह कदम उठाया।
पीड़ित व्यापारी शरद मोर शहर में नमक के थोक कारोबार के साथ रियल एस्टेट का काम भी करते हैं। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने व्यापार बढ़ाने के लिए शहर के कुछ लोगों से ब्याज पर रकम उधार ली थी। आरोप है कि उनसे हर महीने करीब 20 प्रतिशत की दर से ब्याज लिया जा रहा था। परिवार का कहना है कि समय पर ब्याज और मूलधन चुकाने के बावजूद कर्ज खत्म नहीं हो रहा था और लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
यह भी पढ़ें:बीजापुर में मिला माओवादियों का गुप्त बंकर, जमीन के अंदर से विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद
घटना रविवार रात की बताई जा रही है। परिवार के अनुसार, शरद मोर रात में घर से निकले थे लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद उनके बेटे प्रांजल ने उनकी तलाश शुरू की। देर रात गोल बाजार इलाके में शरद अचेत अवस्था में पड़े मिले। उनके पास जहर की खाली शीशी भी मिली। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उनकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
प्रांजल ने बताया कि उनके पिता कई सालों से नमक का कारोबार कर रहे हैं। पिछले करीब पांच साल से रियल एस्टेट सेक्टर में भी काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिता ने जिन लोगों से कर्ज लिया था उन्हें समय पर रकम लौटाई जाती रही लेकिन कुछ लोग लगातार ब्याज की रकम बढ़ाते रहे और मानसिक दबाव बनाते रहे।
यह भी पढ़ें:ग्वालियर में दंपति से लूट, कट्टे की नोक पर पति-पत्नी से मंगलसूत्र और झुमके छीनकर फरार हुए बदमाश
परिवार ने यह भी दावा किया कि सितंबर 2025 में इसी विवाद को लेकर कुछ व्यापारियों के साथ शरद मोर का विवाद हुआ था। उस दौरान उन पर चाकू से हमला भी किया गया था। घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।
व्यापारी की पत्नी ने आरोप लगाया कि उनके पति को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट का काम शुरू करने के लिए ब्याज पर पैसा लिया गया था और उसका भुगतान भी समय पर किया जा रहा था। इसके बावजूद उन्हें धमकियां मिल रही थी। वहीं, अंशुल मोर का कहना है कि कुछ लोगों ने जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट भी अपने नाम करवा लिया था और फोन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
यह भी पढ़ें:इंदौर में रिहायशी इलाके के बस पार्किंग में भीषण आग, 5 बसें जलकर खाक
घटना की सूचना मिलने के बाद लार्डगंज थाना पुलिस अस्पताल पहुंची लेकिन उस समय शरद मोर बयान देने की स्थिति में नहीं थे। थाना प्रभारी नवल आर्य ने बताया कि व्यापारी के होश में आने के बाद उनका बयान दर्ज किया जाएगा और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।