उज्जैन के कालभैरव मंदिर में भी अब VIP कल्चर, 500 रुपए देकर गर्भगृह तक जा सकेंगे श्रद्धालु

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में बुधवार से 500 रुपए की शीघ्र दर्शन व्यवस्था शुरू हो गई है। श्रद्धालु अब ऑफलाइन टिकट लेकर सीधे गर्भगृह से दर्शन कर सकेंगे।

Updated: May 20, 2026, 05:22 PM IST

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बुधवार से नई शीघ्र दर्शन व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब श्रद्धालु 500 रुपए का टिकट लेकर सीधे गर्भगृह तक पहुंचकर दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने फिलहाल यह सुविधा ऑफलाइन शुरू की है। टिकट मंदिर परिसर के बाहर बने काउंटर से सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक उपलब्ध रहेंगे।

विश्व प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भगवान काल भैरव को मदिरा का भोग लगाए जाने की परंपरा के कारण यह मंदिर देशभर में विशेष पहचान रखता है। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। मंदिर में करीब 125.17 करोड़ रुपए की लागत से कॉरिडोर और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

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नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को पहले टिकट काउंटर से 500 रुपए का शीघ्र दर्शन टिकट लेना होगा। इसके बाद उन्हें मंदिर के निर्गम द्वार के पास बने विशेष मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा। यह रास्ता सीधे गर्भगृह द्वार तक पहुंचता है। वहां से श्रद्धालु बिना लंबी कतार में लगे दर्शन कर सकेंगे।

मंदिर प्रशासक एलएन गर्ग ने बताया कि शुरुआत में केवल ऑफलाइन टिकट व्यवस्था लागू की गई है लेकिन जल्द ही इसे ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई बार श्रद्धालु शीघ्र दर्शन के नाम पर ठगी का शिकार हो जाते थे। अब अधिकृत टिकट काउंटर से टिकट लेकर सीधे और पारदर्शी तरीके से दर्शन किए जा सकेंगे।

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फिलहाल मंदिर के पट सुबह 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक खुले रहते हैं। सुबह 8 बजे और रात 8:30 बजे आरती के दौरान कुछ समय के लिए दर्शन बंद किए जाते हैं। बाकी समय श्रद्धालुओं को सामान्य कतार के माध्यम से दर्शन कराए जाते हैं। प्रशासन की ओर से वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था पहले से संचालित है।

उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में पहले से शीघ्र दर्शन सुविधा लागू है। वहां प्रति श्रद्धालु 250 रुपए शुल्क लिया जाता है। वहां श्रद्धालुओं को फर्स्ट बैरिकेडिंग या नंदी हॉल से दर्शन कराए जाते हैं। हालांकि, नंदी हॉल पिछले दो सालों से बंद है। काल भैरव मंदिर की व्यवस्था महाकाल मंदिर से कुछ अलग है। यहां श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन और बेल्ट साथ ले जाने की अनुमति दी गई है और इन वस्तुओं पर किसी प्रकार की पाबंदी नहीं लगाई गई है।

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