जशपुर में किसानों के साथ ठगी, डीएपी के नाम पर बेचा जा रहा था अवैध उर्वरक, 17 टन फर्टीलाइजर जब्त
जशपुर में डीएपी खाद के नाम पर किसानों से ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है। कृषि विभाग ने खारीबहार गांव में छापा मारकर 17 टन (342 बोरी) फर्जी उर्वरक जब्त किया है।
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में किसानों को डीएपी खाद के नाम पर अवैध उर्वरक बेचने के मामले का खुलासा हुआ है। कृषि विभाग ने फरसाबहार विकासखंड के खारीबहार गांव में छापेमार कार्रवाई करते हुए एक मकान से बड़ी मात्रा में उर्वरक बरामद किया है। जांच के दौरान करीब 342 बोरी उर्वरक जब्त किया गया। इसका कुल वजन लगभग 17 टन बताया जा रहा है। मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने पूरे भंडारण को सील कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कृषि विभाग को मिली सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने खारीबहार स्थित एक किराए के मकान में दबिश दी। जांच के दौरान वहां भारी मात्रा में उर्वरक का स्टॉक मिला। इसके संबंध में आवश्यक दस्तावेज और वैध भंडारण व्यवस्था संदिग्ध पाई गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जब्त सामग्री भूमि शक्ति ऑर्गेनिक ग्रेन्युलर नामक उत्पाद है। इसे कथित तौर पर डीएपी खाद बताकर किसानों को बेचा जा रहा था।
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अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की बिक्री से किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे जिस उत्पाद को डीएपी समझकर खरीद रहे थे उसकी वास्तविक प्रकृति अलग बताई जा रही है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस उत्पाद की बिक्री कितने किसानों को की गई और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है।
जांच के दौरान बिहार के कैमूर जिले के निवासी संजय कुमार पासवान का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह संबंधित मकान में रहकर उर्वरक का कारोबार संचालित कर रहा था और किसानों को उत्पाद के बारे में भ्रामक जानकारी देकर बिक्री कर रहा था। हालांकि, पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
यह कार्रवाई कलेक्टर रोहित व्यास और उप संचालक कृषि एम.आर. भगत के निर्देश पर की गई। कृषि विभाग के पत्थलगांव और फरसाबहार क्षेत्र की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर उर्वरक को जब्त किया और पूरे स्टॉक को सील कर दिया। एसडीओ कृषि राकेश कुमार पैंकरा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा जब्ती की कार्रवाई पूरी कर संबंधित प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए।
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विभाग ने जब्त उर्वरक से जुड़े दस्तावेज और अन्य तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। मामले की रिपोर्ट उप संचालक कृषि कार्यालय, जशपुर को भेजी गई है। वहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।
घटना के बाद कृषि विभाग ने किसानों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि खाद, बीज और अन्य कृषि आदान केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदे जाएं तथा खरीदारी के समय रसीद अवश्य ली जाए। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनधिकृत बिक्री की जानकारी तुरंत विभाग को देने को कहा गया है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने और फर्जी या भ्रामक तरीके से कृषि सामग्री बेचने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध उर्वरक कारोबार पर बड़ी चोट और कारोबारियों के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
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