MP: शिवपुरी में सिलेंडर ब्लास्ट, एक बच्ची समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत

शिवपुरी में बीते दिनों एक भीषण सिलेंडर ब्लास्ट हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में डेढ़ साल के बच्चे समेत एक ही परिवार के 3 लोगों और पड़ोस की एक बच्ची की मौत हो गई।

Updated: Jun 24, 2026, 01:24 PM IST

शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के खनियाधाना में हुए भीषण सिलेंडर विस्फोट ने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे डेढ़ वर्षीय शिवा प्रजापति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। मरने वालों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं। जबकि, पड़ोस की एक किशोरी भी इस हादसे की शिकार हुई है। वहीं, एक महिला की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और उसका ग्वालियर में उपचार चल रहा है।

यह दर्दनाक हादसा खनियाधाना क्षेत्र में हुआ था। वहां अचानक हुए जोरदार विस्फोट से घर और आसपास का इलाका दहल उठा। धमाके की चपेट में आने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। हालांकि, गंभीर रूप से झुलसे डेढ़ साल के शिवा प्रजापति की भी मौत हो गई।

इस त्रासदी में शिवा के पिता प्राण सिंह प्रजापति और बहन जानवी प्रजापति की पहले ही जान जा चुकी थी। अब शिवा की मौत के बाद एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो चुकी है। घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और इलाके में शोक का माहौल है। हादसे की चपेट में पड़ोस में रहने वाली 13 वर्षीय एक बच्ची भी आ गई थी। विस्फोट इतना भयावह था कि बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस तरह इस दुर्घटना में अब तक कुल चार लोगों की जान जा चुकी है।

वहीं, गंभीर रूप से झुलसी रोशनी प्रजापति का ग्वालियर के अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विस्फोट के बाद मची अफरा-तफरी और लोगों की भागदौड़ देखी जा सकती है।

हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर सिलेंडर विस्फोट के साथ-साथ घर में डीजल और पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों के संभावित भंडारण की बात भी सामने आई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।