प. बंगाल बीजेपी अध्यक्ष का आपराधिक बयान, TMC के लोगों को दी हत्या की धमकी

दिलीप घोष ने हल्दिया की रैली में कहा, ममता बनर्जी के लोग नहीं सुधरे तो हाथ-पैर-सर तोड़ देंगे, फिर भी नहीं माने तो श्मशान भेजेंगे

Updated: Nov 09, 2020, 04:00 PM IST

प. बंगाल बीजेपी अध्यक्ष का आपराधिक बयान, TMC के लोगों को दी हत्या की धमकी
Photo Courtesy: Navbharat Times

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं-कार्यकर्ताओं को खुलेआम मारने-पीटने और हत्या तक करने की धमकी दी है। दिलीप घोष ने एक रैली के मंच से खुलेआम मारकाट मचाने की धमकी देते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के लोग नहीं सुधरे तो उन्हें सीधे श्मशान भेजा जाएगा। देश की सत्ता पर काबिज राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे एक नेता का ये बयान न सिर्फ आपत्तिजनक बल्कि आपराधिक है। 

दिलीप घोष ने यह बेहद आपत्तिजनक और आपराधिक बयान रविवार को हल्दिया में आयोजित एक रैली में दिया। दिलीप घोष ने कहा, 'ममता दीदी के लोग शरारत करते हैं। वे सभी 6 महीने के भीतर खुद को ठीक कर लें। अन्यथा उनके हाथ, पैर, पसलियां और सिर तोड़ दिए जाएंगे। घोष ने कहा कि आपको घर जाने से पहले आपको अस्पताल जाना होगा. दिलीप घोष ने कहा कि अगर उनकी शरारत बढ़ती है तो उन्हें श्मशान भेज दिया जाएगा।

दिलीप घोष यहीं नहीं रुके उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को साड़ी वाली हिटलर तक बता दिया। दिलीप घोष ने आगे कहा कि ममता बनर्जी को राज्य में हुई राजनीति हत्याओं पर श्वेत पत्र लाना चाहिए। दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने राज्य में घटी आपराधिक घटनाओं के रिकॉर्ड एनसीआरबी को नहीं भेजे। 

दिलीप घोष अब अपनी बयानबाज़ी को लेकर चौतरफा घिर गए हैं। एक तरफ दिलीप घोष ममता बनर्जी से राज्य में घटित आपराधिक घटनाओं और राजनीतिक हत्याओं का हिसाब मांग रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ खुद हिंसा को बढ़ावा देने वाली बयानबाज़ी कर रहे हैं। बता दें कि बीजेपी लगातार राज्य में अपने कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हत्या किए जाने का आरोप लगाते रही है। 

पश्चिम बंगाल में अगले साल चुनाव होने हैं, लिहाज़ा बीजेपी ने अभी से अपने एजेंडे पर काम करने लगी है। खुद गृह मंत्री अमित शाह हाल ही में राज्य के दौरे पर गए थे, जिसमें उन्होंने आदिवासी कार्यकर्ता के घर पर खाना खाने और धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने वाली बयानबाज़ी के जरिए पार्टी के इरादों के संकेत दिए थे।