अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 25वां दिन हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ही ऐलान से यूटर्न ले लिया है। अमेरिका ने अब ईरान के पावर एंड एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला शुरू कर दिया है। पक्षिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर मंगलवार को पीएम मोदी ने राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि यदि युद्ध जारी रही तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे। आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है। टीम इंडिया की तरह काम करना होगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। ये चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है।
पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे संकट के समय में गरीबों पर, श्रमिकों पर बुरा असर पड़ता है। उन्हें PM गरीब अन्न कल्याण योजना का लाभ मिलता रहे। राज्य सरकारें इसके लिए विशेष व्यवस्था करें। ऐसे समय में कालाबाजारी करने वाले, जमाखोरी करने वाले एक्टिव होते हैं। जहां से शिकायतें आती हैं, वहां कार्रवाई कीजिए। संकट कितना भी बड़ा है, भारत की तेज ग्रोथ बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। हमें हर जरूरी कदम, हर जरूरी रिफॉर्म तेजी से करते रहने होंगे।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत सरकार कोशिश कर रही है कि आने वाले बुआई के सीजन में किसानों को खाद मिलती रहे। सरकार ने खाद की पर्याप्त सप्लाई के लिए जरूरी तैयारियां की है। किसानों को फिर आश्वस्त करूंगा कि सरकार हर चुनौती के समाधान के लिए उनके साथ खड़ी है। ये राज्यों का सदन है। आने वाले समय में संकट हमारे देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें सफलता के लिए राज्यों का सहयोग जरूरी है। राज्यों की सरकार से आग्रह करना चाहता हूं।
उन्होंने कहा कि देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। जंग शुरू होने से अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय देश लौट चुके हैं। ईरान से एक हजार से ज्यादा भारतीय लौटे हैं। इनमें 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले हैं। सभी देशों ने वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। हमलों के कारण कुछ भारतीयों की मौत हुई है। यह दुखद है। उनके परिवार को मदद दी जा रही है। जो घायल हैं उन्हें इलाज दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि अब भारत 27 की जगह 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है और कच्चे तेल के भंडार पर भी ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ी है और देश में क्रूड ऑयल की लगातार सप्लाई सुनिश्चित है। पीएम ने कहा कि सरकार एलपीजी के साथ पीएनजी और घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।