देश के पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन से शोक में डूबा भारत, UP में तीन दिन का राजकीय शोक

मुलायम सिंह यादव लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

Updated: Oct 10, 2022, 02:37 PM IST

देश के पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन से शोक में डूबा भारत, UP में तीन दिन का राजकीय शोक

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव का सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वे 82 साल के थे। सपा संरक्षक के निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के निधन पर शोक जताते हुए कई पुरानी तस्वीरे पोस्ट की है। पीएम मोदी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के निधन से मुझे दुख पहुंचा है, उनका उल्लेखनीय व्यक्तित्व था तथा एक जमीनी नेता के तौर पर उनकी व्यापक प्रशंसा की जाती थी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी ट्वीट कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा, 'मुलायम सिंह यादव का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। साधारण परिवेश से आए मुलायम सिंह यादव जी की उपलब्धियां असाधारण थीं। ‘धरती पुत्र’ मुलायम जी जमीन से जुड़े दिग्गज नेता थे। उनका सम्मान सभी दलों के लोग करते थे। उनके परिवार-जन व समर्थकों के प्रति मेरी गहन शोक-संवेदनाएं।'

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, 'मुलायम सिंह यादव जी के निधन का दुखद समाचार मिला। भारतीय राजनीति में उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री, भारत सरकार के रक्षामंत्री व सामाजिक न्याय के सशक्त पैरोकार के रूप में उनका अतुलनीय योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। अखिलेश यादव व अन्य सभी प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदनाएं।'

मुलायम सिंह यादव जी के निधन पर उत्तर प्रदेश सरकार 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव और उनके रामगोपाल यादव से फोन पर बात की और संवेदनाएं व्यक्त की। सीएम योगी ने लिखा कि उनका निधन अत्यंत दुखदाई है। उनके निधन से समाजवाद के प्रमुख स्तंभ एवं संघर्षशील युग का अंत हुआ है।

देश के मौजूदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा कि, 'रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ज़मीन से जुड़े ऐसे नेता थे जिन्होंने कई दशकों तक UP की राजनीति में एक प्रमुख भूमिका निभाई। अपने लम्बे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अनेक पदों पर काम किया और देश, समाज एवं प्रदेश के विकास में अपना योगदान दिया। उनका निधन पीड़ादायक है।'