नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान में चल रहे जंग के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने दोहराया कि नरेंद्र मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड हो चुके हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के हित के फैसले ले ही नहीं सकते। वे सिर्फ वही करते हैं, जो अमेरिका और इजराइल उनसे करवाना चाहते हैं।

मंगलवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता की खबरों के बीच भारत की कोई भूमिका नहीं होने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि भारत की मौजूदा विदेश नीति प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत विदेश नीति है। इसका नतीजा सबके सामने है। हर कोई इसे एक वैश्विक मजाक मानता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अच्छी तरह जानते हैं कि मोदी जी क्या कर सकते हैं और क्या नहीं। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि देश की विदेश नीति आज 'कॉम्प्रोमाइज्ड' है, क्योंकि मोदी खुद 'कॉम्प्रोमाइज्ड' हैं। उन्होंने इस दौरान भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का हवाला भी दिया।

राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर सोमवार को प्रधानमंत्री द्वारा लोकसभा में दिए गए वक्तव्य को पूरी तरह से अप्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि उनके वक्तव्य में दिखना चाहिए था कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर उनका रुख क्या है, लेकिन उनकी कोई पोजीशन ही नहीं है। उन्होंने दुख जताया कि प्रधानमंत्री के इस कमजोर रवैये का नुकसान देश के लोगों को होगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजे संकट को लेकर आगाह किया कि अभी तो शुरुआत हुई है। आने वाले दिनों में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल, फर्टिलाइजर (खाद) समेत तमाम क्षेत्रों में समस्या पैदा होगी। 

प्रधानमंत्री द्वारा वर्तमान संकट की 'कोविड जैसे समय' से तुलना किए जाने पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी शायद भूल गए हैं कि कोविड के दौरान देश ने कितनी बड़ी त्रासदी झेली, कितने लोगों की जान गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को चीजों की बुनियादी समझ नहीं है।

एक अन्य प्रश्न पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार ने पश्चिम एशिया स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है, चर्चा होनी चाहिए, लेकिन नरेंद्र मोदी ने बहुत बड़ी गलती कर दी है, उन्होंने पूरा ढांचा बर्बाद कर दिया है। अब वह इसे ठीक नहीं कर सकते हैं। इसे ठीक करने में बहुत समय लगेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नरेंद्र मोदी वही करेंगे जो अमेरिका और इजराइल कहेगा। वे देश और हमारे किसानों के हित में काम नहीं करेंगे।